गोरखपुर (ब्यूरो)। पारंपरिक ज्ञान से पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उपायों पर हु़ई थी प्रतियोगिता
भूगोल विभाग की डॉ। स्वर्णिमा के निर्देशन में स्टूडेंट्स ने बढ़ाया कदम

वहां सफलता मिली तो इन छात्राओं को यूएनओ की जनरल असेंबली में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से पर्यावरण संरक्षण की मुहिम से जुडऩे के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ने देशभर के स्नातक विद्यार्थियों के लिए पारंपरिक ज्ञान से पर्यावरण को कैसे सुरक्षित करें?विषय पर प्रतियोगिता का आयोजन किया था। इसमें भूगोल विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ। स्वर्णिमा ङ्क्षसह के निर्देशन में विश्वविद्यालय से भी कुल नौ टीमों ने हिस्सा लिया था। भूगोल विभाग की चार छात्राओं की एक टीम ने लगातार चार चरणों में जीत दर्ज करते हुए फाइनल में जगह बनाई है। फाइनल में प्रदर्शन अच्छा रहा तो इन छात्राओं को यूएनओ की ओर से वर्ष 2025 में आयोजित विशेष सभा में प्रतिभाग करने का मौका मिलेगा। फाइनल में पहुंचने वालीं छात्राओं की टीम में श्रीदात्री हाइट, नेहा गुप्ता, दुर्गांजलि जायसवाल व श्रेया मालवीय हैं। डॉ। स्वर्णिमा ने बताया कि कड़ी मेहनत और निरंतरता से इन छात्राओं ने सफलता प्राप्त की है। यह प्रतियोगिता स्नातक अनुसंधान योग्यता के माध्यम से विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान छात्रों के बीच अंत: विषय अनुसंधान सहयोग को प्रोत्साहित करने की संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेष पहल है। यह विश्व के प्रत्येक छात्र को उन्हें स्थानीय और स्वदेशी अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र में शामिल करना चाहता है। अनुसंधान परियोजना के लिए चयनित प्रतिभागियों की अंतिम शोध प्रस्तुतियां पृथ्वी दिवस पर 22 अप्रैल को होंगी। डॉ। स्वर्णिमा के नेतृत्व में यह टीम पिछले छह माह से कार्य कर रही है। यूनिवर्सिटी ने पहली बार इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया है।