- चिऊटहां पुल के पास मिली डेड बॉडी

- शनिवार की सुबह घर से निकले थे वीरेंद्र

GORAKHPUR: मानीराम-चिऊटहां पुल के नीचे रविवार की सुबह मिली अज्ञात डेड बॉडी की पहचान गोरखनाथ एरिया के मालवीय नगर, निवासी 70 साल वर्षीयवीरेंद्रनाथ धर दुबे के रूप में हुई। वह शनिवार की सुबह अचानक घर से लापता हो गए थे। परिजनों की सूचना पर कानूनी औपचारिकता पूरी करके चिलुआताल पुलिस ने डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

सुसाइड नोट पढ़कर शुरू की तलाश

एफसीआई से रिटायर कर्मचारी वीरेंद्रनाथ धर दुबे मालवीय नगर में परिवार के साथ रहते थे। शनिवार की सुबह करीब सात बजे अचानक घर से निकल गए। दोपहर तक इंतजार करके परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। वीरेंद्रनाथ के कमरे में मिले सुसाइड नोट को पढ़कर परिजनों की हालत खराब हो गई। लोगों ने उनकी तलाश तेज कर दी। मोहल्ले में पान की दुकान वाले ने वीरेंद्रधर को टेंपो में बैठते देखा था। उसने घरवालों को बताया कि कल शाम को वह टेंपो पकड़कर मानीराम की ओर गए थे। रविवार की सुबह परिजन उनकी तलाश में मानीराम पहुंचे।

पानी में पड़ी थी बुजुर्ग की डेड बॉडी

रोहिन नदी में एक बुजुर्ग की डेड बॉडी पड़ी थी। परिजनों पहुंचे तो मृतक की पहचान कर ली। पहचान होने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वीरेंद्रनाथ के कमरे में सुसाइड नोट मिलने के बाद से उनकी तलाश की जा रही थी। उनकी चार संतानों में दो बेटियों की शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा रविशेखर सिद्धार्थनगर के एक प्राइवेट स्कूल में टीचर है। छोटा बेटा शशिशेखर निर्वाचन विभाग में प्राइवेट नौकरी करता था। लेकिन बाद में उसने जॉब छोड़ दिया।

काफी परेशान रहते थे वीरेंद्र

बुजुर्ग के कमरे से मिला सुसाइड नोट परिजनों ने पुलिस को सौंपा। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा था कि मुझे नींद नहीं आती है। मैं बहुत परेशान रहता हूं। मुझे डर है कि मैं पागल न हो जाऊं। जिदंगी से तंग आकर कोई भी अप्रिय घटना कर सकता हूं जिसका जिम्मेवार सिर्फ मैं हूं। मेरे परिवार के किसी सदस्य को परेशान न किया जाए। पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग के बदन पर जाहिरा तौर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी।

बुजुर्ग की डेड बॉडी मिलने की सूचना मिली। कुछ लोगों ने उनकी पहचान कर ली। बताया कि वह शनिवार की शाम से लापता था। इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

रामपाल यादव, एसओ चिलुआताल