गोरखपुर (ब्यूरो)। इसके लिए राप्तीनगर की एसी जनरथ बस को नेपाल के लिए तैयार किया गया था, लेकिन परिवहन निगम एमडी ने नई एसी अनुबंधित बस सेवा संचालित करने की पहल की थी, लेकिन अभी तक गोरखपुर-नेपाल के लिए परिवहन निगम को अनुबंधित एसी बस नहीं मिल पाई है। इसलिए यह सेवा अधर में लटकी हुई है।

डेली 600 से अधिक पर्यटक जाते हैं नेपाल

जानकारों के अनुसार गोरखपुर-काठमांडू एसी बस सेवा सोनौली से बुटवल के रास्ते चलाई जानी थी। फिलहाल परिवहन निगम को अनुबंधित बस का इंतजार है। बता दें, गोरखपुर से नेपाल के लिए डेली 500 से 600 पर्यटक नेपाल पहुंचते हैं। वहीं, सामान्य दिनों में करीब 1000 पर्यटक नेपाल जाते हैं। इतना ही नहीं करीब 150 गाडिय़ों का भनसार भी बनता है। एसी बस सेवा बहाल होने की सूचना पर पर्यटकों में खुशी थी, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद बस सेवा बहाल नहीं होने से पर्यटकों में निराशा है।

किराया और टाइम तय होने के बाद भी मामला लटका

गोरखपुर बस स्टेशन से काठमांडू इंटरनेशनल एसी बस सेवा चलाई जानी थी। जहां बार्डर पार का सोनौली में प्राइवेट बस के लिए पर्यटकों को इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए बस सेवा चलाने का निर्णय लिया गया है। इतना ही नहीं गोरखपुर-काठमांडू बस सेवा के लिए गोरखपुर स्टेशन परिसर में टिकट काउंटर आरक्षित किया गया। मैनुअल और ऑनलाइन दोनों तरह के टिकट बुक करने की व्यवस्था भी की गई। साथ ही प्रति पैसेंजर्स करीब 1100 रुपए किया भी तय किया था। इसके बावजूद भी बस सेवा नहीं चलाई जा सकी।

गोरखपुर-काठमांडू एसी बस सेवा के लिए अनुबंधित एसी बस का इंतजार किया जा रहा है। मुख्यालय से अनुबंधित बस मिलने के बाद ही इंटरनेशनल बस सेवा बहाल कर दी जाएगी।

पीके तिवारी, आरएम गोरखपुर रीजन