कानपुर (ब्यूरो)। हम भी नगर निगम को टैक्स देते हैं, फिर हमारे मोहल्ले में क्यों हैये सवाल कल्याणणपुर के वार्ड 23 में रहने वाले लोगों का है। वैसे तो सिटी की क्लीन करने के लिए लाखों करोड़ों रुपये खर्च कर किया जा रहा है लेकिन आउट स्कर्ट एरिया में हालात रूरल एरिया से ज्यादा बदतर हैं। दिनों से नहीं बल्कि महीनों से सफाई नहीं होने से नालियां गारबेज से भर गई हैं। रोड और गारबेज डंपिंग में भी फर्क नजर नहीं आ रहा है। सफाई व्यवस्था से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पार्षद खुद भी परेशान है। कंप्लेन के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती है।

पचास हजार आबादी गंदगी में
कल्याणपुर आवास विकास वार्ड 23 में करीब पचास हजार से ज्यादा लोग रहते है। यह पर सफाई व्यवस्था के लिए नगर निगम के रिकार्ड में 38 सफाई कर्मचारी तैनात है। जिसमें तीन सफाई कर्मचारी की कई दिन पहले मौत हो चुकी है। जबकि तीन ड्राइवर हैं। वहीं, 12 अन्य कर्मचारी रोड पर सफाई के लिए लगे रहते है। इसके अलावा तीन कर्मचारी वार्ड के बाहर काम करते है। ऐसे में आधी अधूरी सफाई कर्मचारियों की सेना के भरोसे पूरा वार्ड है। स्थानीय पार्षद राज नारायण का कहना है कि उन्होंने महाबलीपुरम और अम्बेडकरपुरम के लिए 15-15 सफार्ई कर्मचारियों की मांग की थी। इसके लिए नगर आयुक्त को पत्र भी लिखा था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

रोड व नालियां गंदगी से पटी
आवास विकास एरिया की कई रोड व नालियां गंदगी से पटी है। पानी निकासी के लिए बनाई गई नालियों वर्तमान गारबेज डंपिंग में बदल गई। वहीं रोड पर फैली गंदगी के चलते स्ट्रे एनिमल्स का जमावड़ा लगा रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी आते ही नहीं है, जो आते है उनकी संख्या इतनी कम है कि पूरा एरिया साफ नहीं कर पाते है। सुपरवाइजर महेश वर्षो से एरिया में जमा है, स्थानीय लोग कंप्लेन करते भी है तो उनकी सुनवाई नहीं होती है।

पार्षद के घर के बाहर ही अंधेरा
पब्लिक की समस्या को निजात दिलाने वाले स्थानीय पार्षद खुद पीडि़त है। पार्षद राज नारायण का कहना है कि उनके घर के बाहर लगी स्ट्रीट लाइट काफी समय से बंद है। मार्ग प्रकाश डिपार्टमेंट में उन्होंने कंप्लेन की तो जवाब मिला कि स्टोर में स्ट्रीट लाइट के रिपेयरिंग का सामान नहीं है। यहीं नहीं वार्ड में करीब दौ से से ज्यादा लाइट बंद है जिसके चलते रोड पर अंधेरा रहता है। पॉल्यूशन ऑफिस लेकर अम्बेडकरपुरम और लोधेश्वर रोड तक हाई माक्स भी बंद है। आवास विकास चौकी से लेकर मसवानपुर तक पूरी रोड में अंधेरा है। एक ही स्ट्रीट लाइट नहीं जल रही है। कई बार कंप्लेन के बाद भी कोई सुनवाई नहीं।

सिर्फ कागजों में ही हो रही सफाई
आवास विकास में गंदगी का अंबार है। रोड और नालियों में गंदगी भरने से न तो पानी की निकासी होती है और न ही सफाई। जिसके चलते बारिश में वॉटर लॉगिंग की प्रॉब्लम भी फेस करनी पड़ती है।
-जसप्रीत सिंह, सत्यम विहार

स्मार्ट सिटी का दर्जा पाने वाली कानपुर सिटी केवल कागजों पर ही सफाई व्यवस्था पर अव्वल है। अभियान चलाया जाता है और अवार्ड भी मिल रहा है, लेकिन आउट स्कर्ट एरिया के हालात देखने न अफसर आते है और न ही जिम्मेदार।
- पीयूष कुशवाह, आवास विकास

साफ सुथरे एरिया में सफाई अभियान चलाया जाता है। उन एरिया को अनदेखा कर दिया जाता है जहां सफाई को लेकर सबसे ज्यादा जरूरत है। यहां पार्षद से कंप्लेन करने पर भी कोई प्रॉब्लम सॉल्व नहीं होती है। एरिया में गारबेज कलेक्शन तो होता है लेकिन सफाई व्यवस्था पर फोकस नहीं किया जाता।
-अनिल विश्नोई, आवास विकास

कल्याणपुर के आवास विकास एरिया के लोग भी नगर निगम को टैक्स देते है, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधा से महरूम रखा जा रहा है। सफाई के साथ-साथ एरिया में स्ट्रीट लाइट बंद है। संवेदनशील इलाका होने के बाद भी अंधेरे में है। जबकि सीएम से लेकर डीएम तक कई बार रोड का अंधेरा दूर करने का निर्देश भी दे चुके है।
- सुनील कश्यप, आवास विकास

क्या कहते है पार्षद
आवास विकास इलाके में सफाई के लिए नगर आयुक्त को पत्र लिखकर 30 सफाई कर्मचारियों की मांग की है। हालांकि अभी तक कर्मचारी नहीं मिले है। जो सफाई कर्मचारी है भी वह भी एरिया में सफाई व्यवस्था के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा एरिया में सैकड़ों की संख्या में स्ट्रीट लाइट है। और तो और मेरे घर के बाहर तक स्ट्रीट लाइट है। कंप्लेन के बाद भी अब तक ठीक नहीं हो सकी।
-राज नारायण, पार्षद वार्ड 23 आवास विकास कल्याणपुर