कानपुर (ब्यूरो)। झकरकटी बस अड्डे को पीपीपी मॉडल से रीडेवलप करने का प्रोजेक्ट पांच सालों से कागजों पर चल रहा है। आज तक यूपी रोडवेज को ऐसा कोई इनवेस्टर नहीं मिला जोकि इस प्रोजक्ट में रुचि दिखा रहा हो। डिपार्टमेंट ने 110 करोड़ के इस प्रोजक्ट को लेकर बीते पांच सालों में चार बार टेंडर जारी किए लेकिन एक भी कंपनी ने बिड में भाग नहीं लिया। लिहाजा कानपुराइट्स को शहीद मेजर सलमान खान अंतर्राज्यीय बस अड्डा के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के जमीन पर उतरने के लिए अभी कई साल और इंतजार करना होगा।

इनवेस्टर मीट में भी रखा
रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक हाल ही में केडीए ने स्मार्ट सिटी प्रोजक्ट के तहत विकास कार्यों को लेकर एक बड़ी इनवेस्टर मीट रखी थी। जिसमें सिटी में होने वाले कई बड़े डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को इनवेस्टर मिल गए लेकिन झकरकटी बस अड्डे को पीपीपी मॉडल से डेवलप करने के प्रोजक्ट में किसी भी कंपनी ने अपनी रुचि नहीं दिखाई। अधिकारियों के मुताबिक यूपी में शासन की अगुवाई में होने वाली अन्य इनवेस्टर मीट में इस प्रोजक्ट को रखा जाएगा। इसके साथ ही कंपनी को इनवेस्ट के लाभ के बारे में भी बताया जाएगा।

यह मुख्य काम होने है
- शॉपिंग मॉल
- मल्टी स्टोरी बिल्डिंग
- पैसेंजर वेटिंग हॉल
- ड्राइवर रेस्ट रूम
- रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया
- बसों के लिए प्लेटफार्म
- टू व फोर व्हीलर की पार्किंग

झकरकटी बस अड्डे के रीडेवलपमेंट प्रोजक्ट को लेकर अप्रैल में एक बार फिर से टेंडर उठाया गया था। जिसमें किसी कंपनी ने बिड में भाग नहीं लिया था। मुख्यालय जल्द ही इसमें कोई निर्णय लेगा।
लव कुमार, आरएम, रोडवेज