अब ये फिल्म सिर्फ ‘खिलाड़ी’ के नाम से पाकिस्तानी सिनेमाघरों में दिखाई जा रही है। बिस्मिल्लाह को अगर अंकों में लिखा जाए तो उसका योग 786 होता है और बहुत से मुसलमानों के लिए ये एक पवित्र संख्या मानी जाती है।

इसलिए पाकिस्तानी फिल्म सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म के नाम पर आपत्ति की और इसे ‘खिलाड़ी 786’ की बजाय ‘खिलाड़ी’ नाम से पाकिस्तान में रिजील करने का निर्देश दिया।

वैसे फिल्म के स्टार अक्षय कुमार का कहना है कि उनकी फिल्म का इस्लाम धर्म से कोई संबंध नहीं है और इसके नाम में 786 को सिर्फ एक संख्या के तौर पर रखा गया है।

नुकसान

पाकिस्तान के सिनेमाघरों में कुछ वर्षों से भारतीय फिल्में दिखाई जा रही हैं, लेकिन पहला मौका है जब किसी फिल्म का नाम सेंसर किया गया है।

फिल्म ‘खिलाड़ी 786’ के पोस्टर पहले ही बहुत से पाकिस्तानी सिनेमाघरों में लगाए जा चुके थे, लेकिन सेंसर बोर्ड के फैसले के बाद अब इन पोस्टरों में 786 नंबर पर काला रंग पोत दिया गया है।

पाकिस्तान में सिनेमा मालिकों के संगठन ने भारतीय फिल्म का नाम सेंसर किए जाने की आलोचना की है और कहा है कि बोर्ड को ऐसे फैसले करते हुए लचीला रुख अपनाना चाहिए ताकि लोग आसानी से अपना मनोरंजन कर पाएं। सिनेमाघरों के बाहर बोर्ड भी लगाए गए हैं जिन पर जानकारी दी गई है कि ‘फिल्म खिलाड़ी 786 अब खिलाड़ी के नाम से दिखाई जा रही है.’

बीबीसी से बातचीत में सिनेमा मालिक संघ के सचिव कैसर सनाउल्लाह खान ने कहा कि सेंसर बोर्ड के फैसले से उन्हें नुकसान हुआ है क्योंकि ‘खिलाड़ी 786’ के नाम से फिल्म के प्रचार में जो लाखों रुपए लगाए गए, वो बेकार रहे और अब ‘खिलाड़ी’ नाम से लाखों रुपए के नए पोस्टर और बैनर तैयार कराए गए हैं।

नाराज सिनेमा मालिक

कैसर सनाउल्लाह खान का कहना है कि एक तरफ सिनेमाघरों के लिए फिल्म के नाम को ‘खिलाड़ी 786’ से खिलाड़ी कर दिया गया है जबकि टीवी और केबल पर ये ‘खिलाड़ी 786’ के नाम से चल रही है। सिनेमा मालिक संघ के अधिकारी कहते हैं कि फिल्म का नाम बदलने से लोग समझ रहे हैं कि फिल्म को ही सेंसर कर दिया गया है।

इससे पहले पाकिस्तानी फिल्मकार सैयद नूर ने ‘कैदी 786’ नाम से बनाई थी। फिल्म का प्रचार इसी नाम से किया गया लेकिन ऐन वक्त पर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति की और उनका नाम बदल कर ‘हम सब एक हैं’ करना पड़ा।

कैसर सनाउल्लाह खान कहते हैं कि सेंसर बोर्ड के इस फैसले से सैयद नूर को नुकसान हुआ था क्योंकि फिल्म का प्रचार किसी और नाम से किया गया जबकि उसे रिलीज दूसरे नाम से किया गया।

अक्षय कुमार कई ऐसी फिल्मों में काम कर चुके हैं जिनके नामों में खिलाड़ी शब्द का इस्तेमाल किया गया है और अब ये शब्द अक्षय कुमार की पहचान बन गया है।

सबसे पहले उन्होंने 1992 में ‘खिलाड़ी’ फिल्म में काम किया था। इसके बाद उनकी कई फिल्में आईं जिनमें मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, सबसे बड़ा खिलाडी, खतरों के खिलाड़ी, मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी, इंटरनेशनल खिलाड़ी और खिलाड़ी 420 शामिल हैं।

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