कानपुर(ब्यूरो)। ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए 9482.79 करोड़ की लागत से आउटर रिंग रोड का निर्माण नए साल से शुरू हो जाएगा। एनएचएआई ने अधिग्रहीत जमीन के मुआवजा वितरण के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है। अगले दस दिनों में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। पहले स्टेज का काम मंधना से सचेंडी के बीच होगा। इसके पूरा होने से कानपुराइट्स को बड़ी राहत मिलेगी। दूसरे जिलों से आने वाले भारी वाहनों की एंट्री शहर में नहीं होगी। वो रिंग रोड के जरिए बाहर-बाहर ही निकल जाएंगे।

मंधना से सचेंडी तक
साल 2014 में आउटर ङ्क्षरगरोड की योजना तैयार की गई थी। 93 किमी की इस योजना में भारी वाहनों को बाहर ही बाहर गुजारने और जीटी रोड, नेशनल हाईवे को जोडऩे की कार्ययोजना तैयार की गई है। कमिश्नर डॉं। राजशेखर की पहल के बाद काम तेज हुआ। योजना में पहले चरण की जमीन के लिए थ्री डी (भूमि सरकार के अधीन होना) के बाद अब मुआवजा वितरण को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें अगले वर्ष मंधना से सचेंडी तक 23.5 किलोमीटर में ङ्क्षरग रोड निर्माण का काम शुरू किया जाएगा।

85 प्रतिशत जमीन के लिए
वहीं, 85 प्रतिशत जमीन के लिए थ्री ए (खरीद-फरोख्त रोकने की अधिसूचना) की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके बाद इसमें आपत्तियों के निस्तारण के बाद मुआवजे की कार्रवाई पूरी की जाएगी। इस जानकारी के बाद जमीन की खरीद-फरोख्त नहीं की जा सकेगी।

रिंग रोड हाईलाईट्स
62 किलोमीटर शहर में रोड की लंबाई
27 किलोमीटर उन्नाव में कुल लंबाई
04 किलोमीटर कानपुर देहात में
23.5 किलोमीटर है मंधना-सचेंडी
560 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है
4778.69 करोड़ है निर्माण की लागत
3605 करोड़ भूमि अधिग्रहण पर खर्च
191.14 करोड़ यूटिलिटी शिङ्क्षफ्टग खर्च
907.95 करोड़ अन्य पर खर्च
9482.79 करोड़ रुपए कुल लागत