कानपुर(ब्यूरो)। आने वाले समय में कार्डियोलॉजी के हार्ट पेशेंट्स की ब्लड रिपोर्ट के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। न ही जांच रिपोर्ट मिलने में देरी के लिए उन्हें अगले दिन फिर कार्डियोलॉजी की दौड़ लगानी पड़ेगी। कार्डियोलॉजी में पैथोलॉजी का एक्सपेंशन कर उसे माडर्न बनाया जा रहा है। उसमें जांच के लिए अधिक मशीनें लगाई जा रही हैं, जिससे पेशेंट्स को आधा से एक घंटे में ही पेशेंट को ब्लड रिपोर्ट मिल जाएगी। जिससे वह अपनी जांच रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाकर इलाज करा सकेंगे। इसके लिए कार्डियोलॉजी को शासन से बजट भी मिल चुका है।

दूर दराज से आने वाले हजारों पेशेंट को राहत
कार्डियोलॉजी हॉस्पिटल में सिटी ही नहीं आसपास के 17 से अधिक डिस्ट्रिक्ट के हार्ट पेशेंट ट्रीटमेंट के लिए आते हैं। फॉलोअप के लिए हॉस्पिटल आने वाले पेशेंट को अभी ओपीडी में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद डॉक्टर को दिखाने के बाद ब्लड जांच करानी होती है। रिपोर्ट के आधार पर ही बाद में दवाएं निर्धारित करता है। वर्तमान में ब्लड जांच कराने में ही तीन से चार घंटे लग जाते है। कई बार पेशेंट की रिपोर्ट डॉक्टर के उठ जाने के बाद आती है। जिसकी वजह से पेशेंट को दूसरी ओपीडी तक का इंतजार करना होता है। पैथोलॉजी का विस्तार होने से दूर दराज से आने वाले हजारों पेशेंट को काफी राहत मिलेगी।


तीन मंजिला बन रही बिल्डिंग
कार्डियोलॉजी हॉस्पिटल के डायरेक्टर प्रो। राकेश वर्मा ने बताया कि हार्ट पेशेंट को अधिक से अधिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए नई तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरु हो चुका है। शासन से मिले बजट से नई आधुनिक इमरजेंसी के साथ पैथोलॉजी का विस्तार करने के साथ ही आधुनिक बनाया जाएगा। जिससे कम समय में अधिक संख्या में पेशेंट की जांच हो सकेगी। उनको कम समय में बेहतर उपचार मिल सकेगा।


700 से अधिक पेशेंट की डेली ओपीडी
कार्डियोलॉजी हॉस्पिटल प्रदेश के टॉप पांच हॉस्पिटल में एक है। लिहाजा यहां कानपुर, प्रयागराज, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात आदि सिटी से बड़ी संख्या में हार्ट पेशेंट ट्रीटमेंट के लिए आते है। हॉस्पिटल में डेली ओपीडी में 700 से अधिक नए व पुराने पेशेंट ट्रीटमेंट के लिए आते है। ओपीडी में आने वाले सभी पेशेंट की ब्लड जांच अवश्य होती है। जहां पैथोलॉजी में डेली ओपीडी के 700 से अधिक पेशेंट की जांच होती है। वहीं 200 से अधिक इनडोर पेशेंट की डेली पैथोलॉजी में विभिन्न जांच की जाती है।


हर फ्लोर में अलग सुविधाएं
डायरेक्टर के मुताबिक परिसर में बनने वाली तीन मंजिला बिल्डिंग में फस्र्ट फ्लोर में इमरजेंसी, सेकेंड फ्लोर में पैथोलॉजी सुविधा व थर्ड फ्लोर में अटेंडेंट के लिए एसी रैन बसेरा रूम बनेंगे। जिससे लंबे समय तक ट्रीटमेंट कराने वाले पेशेंट के अटेंडेंट रेंट में एसी रूम ले सकेंगे।
डेली होती है