कानपुर (ब्यूरो)। बर्रा विश्व बैैंक के आई ब्लाक में रहने वाले प्रिंयाशु, रवि उर्फ शुभम, अमन और हर्षित पांचों एक ही गली में अगल बगल रहते है। जबकि कृष्णा दूसरी गली में रहता है। सभी छह दोस्तों के उम्र में दो से तीन साल का अंतर था और तीनों अलग अलग क्लास के स्टूडेंट्स थे लेकिन एक ही गली के होने के चलते सब अच्छे और बचपन के दोस्त थे। सभी साथ में ही घूमने जाया करते थे। 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही सभी ने राम मंदिर के दर्शन का प्लान बनाया था। लेकिन पढ़ाई और एग्जाम के चलते प्रोग्राम आगे बढ़ गया। दो दिन पहले शिवरात्रि पर सभी दोस्त सिद्धनाथ मंदिर दर्शन करने भी गए थे। वहीं पर अयोध्या जाने का प्लान बनाया। प्रियांशु और हर्षित उम्र में छोटे थे लेकिन बाकी दोस्तों की अगुवाई के चलते परिवार वालों ने उन्हें भी परमिशन दे दी थी। लेकिन किसी को अहसास नहीं था कि यह यात्रा उनकी अंतिम यात्रा बनने वाली है।

12.28 पर ली थी आखिरी सेल्फी

नदी में डूबने वाले प्रियांशु ने 12वीं का एग्जाम दिया था जबकि कृष्णा बीएससी फस्ट ईयर का स्टूडेंट है। वहीं अमन और हर्षित बीए के स्टूडेंट है, तनिष्क बीए और रवि उर्फ शुभम डीबीएस कॉलेज से बीएससी सेकेंड ईयर का स्टूडेंट था। सभी दोस्त सैटरडे मार्निंग 9 बजे ट्रेन से अयोध्या जाने के लिए निकले थे और दोपहर 12.25 बजे वह अयोध्या स्टेशन में उतरे थे और सभी छ दोस्तों ने सैटरडे को 12.28 बजे आखिरी सेल्फी अमन ने अपने मोबाइल फोन से ली थी और सभी दोस्तों ने अपने अपने फैमिली मेंबर्स को भेजी थी। यहीं आखिरी सेल्फी अब छह दोस्तों की हमेशा के लिए यादगार बन गई है।

मां को नहीं दी गई प्रियांशु की मौत की सूचना

प्रियांशु (16) के पिता ओम प्रकाश चौहान गेट रैलिंग का काम करते है। फैमिली में बड़ा भाई सार्थक सिंह और मां अनिता सिंह है। फैमिली में केवल चार ही मेंबर्स है। जिसमें प्रियांशु सबसे छोटा था। सबसे छोटा होने के बाद वह परिवार में सबका चहेता भी था। प्रियांशु की मौत की जानकारी उसकी मां अनिता सिंह को संडे दोपहर तक नहीं दी गई थी। भाई सार्थक ने बताया कि वह घर के बाहर लगी भीड़ को न देख सके, इसके लिए गेट को बंद करके रखा था। मां अनिता बीमार है और उन्हें बेटे की मौत की सूचना नहीं दी गई।