लखनऊ (ब्यूरो)। बारिश का मौसम आते ही कई तरह की मच्छरजनित बीमारियां भी घेर लेती हैं। इस मौसम में डेंगू की समस्या सबसे ज्यादा होती है, क्योंकि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। ऐसे में इसका प्रकोप खासतौर पर पॉश इलाकों में ज्यादा देखने को मिलता है। हालांकि, अभी डेंगू के मामले नहीं आ रहे हैं, लेकिन जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयारियां तेज हो गई हैं। जिसके तहत टीमों द्वारा वार्डों का निरीक्षण और एंटी लार्वा छिड़काव कराया जा रहा है। सीएमओ के मुताबिक, डेंगू को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। अगर लोग घरों में साफ-सफाई रखें तो डेंगू को रोका जा सकता है।

साफ पानी में पनपता है डेंगू का मच्छर

डेंगू एक मच्छर जनित बीमारी है, जो एडीज एजिप्टी के काटने से फैलती है। यह मादा मच्छर होती है। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। इसका लार्वा साल दो साल तक सुप्तावस्था में रह सकता है। उपयुक्त परिस्थितियां मिलने पर वह मच्छर में विकसित हो जाता है। यह बीमारी संक्रामक होने के कारण एक से दूसरे में फैलने का खतरा बना रहता है। डेंगू के चलते मौत तक हो सकती है। इसी को देखते हुए सरकार द्वारा विशेष संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान भी चलाया जाता है।

जहां ज्यादा केस वहां फोकस ज्यादा

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ। निशांत निर्वाण के मुताबिक, इसवर्ष अबतक डेंगू के करीब 50 मामले ही सामने आये हैं। बारिश अधिक होने पर डेंगू के मामलों में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, पिछले वर्ष और इस बार जहां-जहां डेंगू के मामले मिल रहे हैं, वहां पर फोकस किया जा रहा है, ताकि ये इलाके हॉट स्पॉट न बनें। खासतौर पर पॉश इलाकों में डेंगू के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। इनमें गोमती नगर, इंदिरा नगर, महानगर, अलीगंज, फैजुल्लागंज, खदरा, आलमबाग, आशियाना, राजाजीपुरम, रजनी और रुची खंड, चौक, तेलीबाग समेत अन्य इलाके शामिल हैं। इसके अलावा पूरी राजधानी की मैपिंग भी कराई गई है, ताकि डेंगू सर्विलांस का काम आसानी से किया जा सके।

टीम लगाकर हो रहा काम

राजधानी में बीते साल डेंगू के करीब 2600 केस मिले थे, जिनमें गोमती नगर, चंदर गनर, आलमबाग आदि में सर्वाधिक मामले सामने आए थे। वहीं, 2021 में 1978 केस मिले थे। अधिकारियों के मुताबिक, विभाग के पास जितने लोग हैं, उनकी टीम बनाई गई है। जिसमें एक से लेकर तीन लोग तक शामिल रहते हैं। जरूरत के अनुसार टीमों की संख्या को बढ़ाया जाता है। संचारी रोग के तहत 12 विभाग काम करते हैं। इसमें डेंगू, मलेरिया आदि बीमारियां शामिल हैं। अगर शहरों में मामले मिलते हैं तो नगर निगम और गांव में पंचायती विभाग आगे आकर काम करता है।

6-7 लाख मिलता है बजट

सीएमओ डॉ। मनोज अग्रवाल ने बताया कि डेंगू की रोकथाम और जागरूकता के लिए हर साल अभियान चलाया जाता है। इसके लिए करीब 6-7 लाख रुपये हर साल मिलते हैं। राजधानी होने के कारण बजट की कोई कमी नहीं रहती है। वहीं, अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही टेस्टिंग की पूरी व्यवस्था है। हमारी टीमें डेंगू का मरीज मिलने पर वहां एंटी-लार्वा का छिड़काव करने जाती हैं। इसके अलावा पानी के स्रोतों को खत्म किया जाता है। अगर कहीं से डेंगू के मरीज की सूचना मिलती है तो 50 घरों तक अभियान चलाया जाता है, ताकि मच्छरों को पनपने से रोका जा सके। इसके अलावा जिनके यहां डेंगू का लार्वा मिलता है उनको नोटिस देते हुए चालान किया जाता है।

ये विभाग भी करते हैं सहयोग

संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी तय है। इसमें नगर विकास विभाग साफ-सफाई, खुली नालियों को ढकने की व्यवस्था और फॉगिंग सुनिश्चित कराएगा। पंचायती राज विभाग ग्राम स्तर पर साफ-सफाई, हाथ धोना, शौचालय की सफाई तथा घर से जल निकासी को जनजागरण के लिए प्रचार-प्रसार करेगा और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करेगा। इसके अलावा पशुपालन विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कृषि एवं सिंचाई विभाग, सूचना एवं उद्यान विभाग भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

लक्षण

-सिरदर्द

-तेज बुखार

-मांसपेशियों, हड्डियों में दर्द

-जोड़ों में दर्द

-जी मिचलाना वा उल्टी होना

-आंखों में दर्द होना

-त्वचा पर लाल चकत्ते

-खून आना

ऐसे करें मच्छरों से बचाव

- पानी की टंकी और बर्तनों आदि को ढक कर रखें

- सोते समय मच्छरदानी या मच्छररोधी क्रीम या क्वायल का उपयोग करें

- पूरी बांह के कपड़े पहने

- मच्छरों से बचाव के लिए घर के खिड़की दरवाजों पर जाली लगवाएं

- बुखार होने तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाएं

- जांच और इलाज उपलब्ध है

क्या न करें

- टूटे बर्तन, कूलर, गमले व गमलों की प्लेट, फ्रिज की ट्रे में पानी न जमा होने दें

- सुबह और शाम के समय घर के वह दरवाजे और खिड़कियां न खोलें जहां जाली न लगी हो

- बुखार होने पर स्वयं कोई इलाज न करें

डेंगू को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है। अगर लोग घरों में साफ-सफाई रखें तो डेंगू को काफी हद तक रोका जा सकता है।

- डॉ। मनोज अग्रवाल, सीएमओ