लखनऊ (ब्यूरो)। एलडीए में गुरुवार को जनता अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें ज्यादातर आवंटी रजिस्ट्री न होने से परेशान दिखे। इसके साथ ही कुछ मामले अवैध प्लॉटिंग से रिलेटेड भी आए। वीसी ने आश्वासन दिया है कि सभी समस्याएं समयबद्ध तरीके से दूर की जाएंगी।

60 में से 19 निस्तारण

जनता अदालत में रजिस्ट्री, फ्री होल्ड, सीमांकन, कब्जे, अवैध निर्माण व एनओसी आदि से संबंधित कुल 60 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 19 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं, शेष प्रकरणों के निस्तारण के संबंध में प्राधिकरण के वीसी डॉ। इंद्रमणि त्रिपाठी द्वारा समय सीमा निर्धारित करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि प्राधिकरण के वीसी द्वारा जन सामान्य एवं आवंटियों की समस्याओं एवं उनके कार्यों को त्वरित गति से शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किये जाने के लिए जनता अदालत आयोजित की जाती है।

ये समस्याएं आईं सामने

इंदिरा नगर निवासी मिथलेश कुमार द्वारा अमराई गांव में एक अवैध प्लाटिंग के संबंध में शिकायत की गई, जिस पर वीसी ने प्रवर्तन अधिकारियों को स्थल का निरीक्षण करके नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी तरह कानपुर रोड योजना, सेक्टर-डी निवासी गगनदीप कौर द्वारा अन्नपूर्णा कॉम्पलेक्स एवं ब्रहमकुंज कॉम्पलेक्स में आवंटित दुकानों की रजिस्ट्री के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया गया, जिस पर वीसी ने तीन दिन में प्रकरण का निस्तारण कराने के निर्देश दिए। इस क्रम में मोहम्मद गुफरान ने सीतापुर रोड योजना के सेक्टर-ई में स्थित व्यवसायिक भूखंड की रजिस्ट्री के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर वीसी द्वारा संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

रजिस्ट्री न होने से परेशान

इसके अतिरिक्त सीतापुर रोड योजना निवासी गया प्रसाद गुप्ता ने सम्पत्ति के फ्रीहोल्ड तथा जानकीपुरम के सेक्टर-एच निवासी नागेन्द्र सिंह ने भूखंड की रजिस्ट्री के लिए प्रार्थना पत्र दिया। गोमती नगर के ग्वारी गांव निवासी रामपाल यादव द्वारा विकास खंड में आवंटित शॉप नंबर-5/38 की रजिस्ट्री के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया, जिस पर एक सप्ताह में कार्रवाई के निर्देश दिये गए। जनता अदालत में विशेष कार्याधिकारी राजीव कुमार, प्रिया सिंह, श्रद्धा चौधरी, नजूल अधिकारी अरविंद त्रिपाठी, एसडीएम शशिभूषण पाठक आदि मौजूद रहे।