वाराणसी (ब्यूरो)बनारस के बाशिंदे अप्रैल से ही गर्मी की मार झेलकर जून तक आ पहुंचेइन्होंने बेहताशा गर्मी और 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक टेम्प्रेचर में चलने वाली हीट वेव से भी इस उम्मीद से टकराए कि बस कुछ ही दिनों की बात है, बारिश के आते ही मौसम की मार से राहत मिल जाएगीलेकिन, कुदरत को कुछ और ही मंजूर थादस्तूर देखिए, इसने पब्लिक की राहत की उम्मीदों को सिरे से खारिज कर दियाजून के शुरुआत से ही एक बार फिर आसमान से बरसते अंगारे और दमघोंटू उमस ने शहर को तिल-तिल कर सताना जारी रखी हुआ हैइधर, भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को यूपी के कुछ हिस्सों से लगायत बनारस में आगामी तीन दिनों तक गर्मी और लू यानी हीट वेव की वापसी होनी वाली हैइस दौरान शहर का तापमान सामान्य से पांच से छह डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का अनुमान हैदोपहर के वक्त लू यानी कि गर्म हवा के थपेड़े हालत सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैैंसोमवार को अधिकतम 43 और मिनिमम 29 डिग्री सेल्सियस रहा

बारिश के आसार नहीं

शहर में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर हैबीते दो दिनों में मैक्सिमम टेम्प्रेचर 44.8 और 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गयावहीं, रविवार को पारा सामान्य तापमान से भी पांच डिग्री सेल्सियस ऊपर चला गया थामौसम वैज्ञानिक प्रो एसएन पांडेय के अनुसार शहर को इस हफ्ते में गर्मी की मार से राहत नहीं मिलने वाली हैहीट वेव भी अपने पूरे रौ में होगीराहत की बात यह हो सकती है कि इसी हीट वेव की खेप के बाद गर्मी की विदाई का भी मुहूर्त तय हो जाएगाजितने दिन तक बारिश डाट जा रही है, उस दशा में ही प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ रहा हैमौसम विज्ञान विभाग की ओर से यह भी जानकारी मिली है कि इस पूरे सप्ताह में बारिश या बादल छाने के आसार भी शून्य नजर आ रहे हैैं.

लू और उमस की जोर आजमाइश

शहर में सोमवार की सुबह करीब सात बजे से ही गर्मी महसूस की जाने लगी थीदिन चढ़ते के साथ तापमान में धीरे-धीरे इजाफा होता गयाहवा के धीमे होती ही उमस ने पब्लिक की तबियत को बेचैन किया हुआ थासमय काटते दुकान, मकान, कैंट रेलवे स्टेशन, बस अड्डे पर लोगबाग हाथ से पंखा झलते हुए मिलेइतना ही नही गर्मी की मार से राहत पाने के लिए खुले में पेड़, ब्रिज और इमारतों के साये में हवा की तलाश में लोग जगह-जगह राहत पाने की जुगत में देखे गएवहीं सुबह ही उमस काफी है और पंखा के नीचे बैठने के बावजूद बराबर पसीना निकल रहा थाइस दौरान हवा में नमी 67 फीसदी तक दर्ज की गई, जबकि 6 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवा चल रही थी

डिहाइड्रेशन और हीट बर्न से सावधान

मौसम वैज्ञानिक प्रो पांडेय के अनुसार हाल-फिलहाल मौसम राहत देने के मूड में नहीं हैगर्मी की तल्खी और हीट वेव की मार को झेलना ही पड़ेगाहीट वेव और स्कीन बर्न से बचने के लिए जरूरी होने पर ही बदन ढ़ककर ही घर से बाहर निकलेंहीट वेव की वजह से लोगों को डिहाइड्रेशन और हीट बर्न की समस्या होनी लगी हैइससे बचने के लिए तरल पेय पदार्थ समय-समय पर लेते रहना जरूरी है