-चांदपुर सबस्टेशन के निरीक्षण में सामने आयी गड़बड़ी

-हजारों मकानों में बिजली कटने के बाद भी फिर से मिल गया नया कनेक्शन

VARANASI

शहर में हजारों ऐसे मकान हैं, जिनका बिल बकाया होने के कारण उनकी बिजली कट गई है। बावजूद इसके उनका घर बिजली की रोशनी से जगमग हो रहा है। जी हां कनेक्शन कट जाने के बाद भी कैंपस में सुविधा शुल्क लेकर बिजली विभाग ने दूसरा नया कनेक्शन दे दिया है। यह गड़बड़झाला शनिवार को पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम के एमडी द्वारा चांदपुर सबस्टेशन के निरीक्षण के दौरान सामने आया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एमडी ने अन्य सब स्टेशंस की जांच और दूसरे कनेक्शन से रोशन हो रहे मकानों की लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विभागीय जांच में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होगी।

एमडी ने किया निरीक्षण

पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक के बालाजी ने चांदपुर, रोहनियां, बेटावर और करसड़ा विद्युत सब स्टेशन का निरीक्षण किया। सभी अवर अभियंताओं को दीपावली पर पुरी तरह मुस्तैद रहने का निर्देश दिया। इस दौरान सब स्टेशंस से रजिस्टर अपडेट न मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी अधिकारियों को डिफाल्टर बिजली उपभोक्ताओं का डाटा अपडेट करने का निर्देश दिया। साथ ही छह नवम्बर तक डिफाल्टर्स की लिस्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने बड़े बकाएदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

80 करोड़ से ज्यादा बकाया

शहर में 50 हजार से अधिक बिजली विभाग के बकायेदार हैं। जिन पर 10 हजार से लेकर लाखों रुपये तक का बकाया है। एमडी के निर्देश पर ऐसे सभी बकायेदारों की बिजली काटने के निर्देश दिए गए हैं। पूरी धनराशि जमा करने के बाद ही बकाएदारों की बिजली सप्लाई होगी। बताया गया कि आठ हजार ऐसे बकाएदार हैं, जिन्होंने अभी एक बार भी बिजली बिल नहीं जमा किया है। शहर के 50 हजार डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर 80 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है।

वर्जन

कनेक्शन कटे कैंपस में बिजली की सप्लाई देना नियम विरुद्ध है। चांदपुर में यह गड़बड़ी मिली है। सभी सब स्टेशंस की जांच कराई जाएगी। जहां भी गड़बड़ी पायी जाएगी, संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

राकेश सिन्हा, पीआरओ, एमडी

-तीन लाख से ज्यादा हैं बिजली उपभोक्ता

-50 हजार से ज्यादा हैं बकाएदार

-30 हजार से ज्यादा घरों में अब भी लगा है पुराना मीटर

-आठ हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने एक बार भी नहीं जमा किया है बिल

-80 करोड़ रुपये से ज्यादा है विभाग का बकाया