- कैंटीन में काम करने वाले श्रवण कुमार ने शौक शौक में कलेक्ट कर डाला 786 सीरियल नम्बर वाले 786 नोट

- श्रवण के यूनिक कलेक्शन में शामिल हैं एक रुपये से लेकर एक हजार तक नोट, कलेक्शन में शामिल रुपयों की कुल वैल्यू है डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा

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VARANASI: खिलाड़ी 78म् सुनते ही आपके जेहन में अक्षय कुमार आता होगा। मगर अपने बनारस में एक शख्स 'रीयल खिलाड़ी 78म्' है। जी हां, इस खिलाड़ी का 78म् से इतना गहरा लगाव है कि उसने रुपयों का एक यूनिक कलेक्शन ही बना डाला है। आप भी इस कलेक्शन के बारे में जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे

द रीयल खिलाड़ी 78म्

बहुत कॉमन है कि आपको कोई ऐसा नोट मिले जिसके सीरियल नम्बर के लास्ट थ्री डिजिट में आप 78म् नम्बर देख उसे सहेज कर रख लें। खास कर मुस्लिम लोगों के लिए 78म् के मायने बहुत ज्यादा होता है इसलिए वो इस नम्बर को खुशहाली और बरकत का सबब मानते हैं। मगर श्रवण कुमार का 78म् नम्बर के प्रति क्रेज इन सारी बातों से कहीं ऊपर है। श्रवण ने अपने इस क्रेज के चलते इंडियन करेंसी का एक ऐसा कलेक्शन तैयार किया है जिसके बारे में जाकर कोई भी हैरत में पड़ सकता है।

78म् के टोटल 78म् नोट

डीएलडब्लू स्थित इंदिरा नगर निवासी श्रवण कुमार दुर्गाकुण्ड स्थित जालान्स शोरूम के कैंटीन मैनेजर है। महज क्ख् हजार रुपये मंथली इनकम पर काम करने वाले श्रवण ने 78म् नम्बर के क्रेज में 78म् ऐसे नोट कलेक्ट किये हैं जिनके सीरियल नम्बर का आखिरी तीन डिजिट 78म् है। इसमें एक रुपये से लेकर एक हजार तक के नोट शामिल हैं। सबसे ज्यादा नोट भ्00 रुपये और क्00 रुपये के हैं। श्रवण बताते हैं कि आज उनके कलेक्शन में शामिल सभी नोटों की टोटल वैल्यू डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा है। सिर्फ एक हजार और भ्00 रुपये की वैल्यू ही 8भ् हजार रुपये से अधिक की है।

दोस्तों ने की मदद

इस कलेक्शन की शुरूआत बहुत साधारण तरीके से हुई। सात साल पहले श्रवण के एक मुस्लिम फ्रेंड ने ही उन्हें 78म् नम्बर वाले नोट को सहेज कर रखने की सलाह दी। इसके बाद जिस भी नोट के लास्ट में श्रवण को 78म् दिखता, वो उसे सहेज कर रख लेते। फिर तो ऐसी आदत पड़ी हर नोट का बिना सीरियल नम्बर देख श्रवण उसे खर्च ही नहीं करते। श्रवण के इस क्रेज की जानकारी दोस्तों और रिश्तेदारों को मिली तो उन्होंने भी श्रवण के लिए 78म् वाले नोट कलेक्ट करने शुरू कर दिये। वह बताते हैं कि मेरे कलेक्शन में काफी सारे नोट मुझे दूसरों ने गिफ्ट किये हैं। दो रुपये का नोट मिल ही नहीं रहा था, वो भी एक रिलेटिव ने खोजा और मुझे गिफ्ट किया।

इसका कोई मोल नहीं

ये पूछे जाने पर कि क्या 78म् का ये यूनिक कलेक्शन वाजिब दाम मिलने पर बेचेंगे? इस पर श्रवण ने कहा कि ये मेरे लिए बेशकीमती कलेक्शन है। इसका कोई मोल कम से कम मैं तो नहीं लगा सकता। श्रवण ने ये भी बताया कि 78म् नम्बर से उनका लगाव इस कदर है कि उन्होंने मोबाइल नम्बर के साथ आम जिंदगी में कई जगह इस नम्बर को अपना रखा है। उन्होंने ये भी कि मैं इस नम्बर की बहुत इज्जत करता हूं।