वाराणसी (ब्यूरो)बलिया नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सरकार अभियान चला रही है। उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड की ओर से फरवरी में जारी रैंकिंग में बलिया सहित पूर्वांचल की गंगा सहित अन्य नदियों के जल की गुणवत्ता की रैंकिंग जारी की है। इसमें अधिसंख्य को डी रैंक मिला है। बलिया में गंगा में घुलित ८.२० और गाजीपुर में ७.५० है। मीरजापुर, वाराणसी में गंगा जल की गुणवत्ता को सी श्रेणी में है जबकि गंगा से मिलने के पहले वरुणा में घुलित आक्सीजन मानक से बहुत कम ३.८० है।

प्रदूषण विभाग प्रत्येक सप्ताह को नदियों के नमूने लेकर पानी की जांच करता है। विभाग की ओर से जिले में बह रही गंगा के अलग-अलग प्वाइंट से सैंपल लेकर जांच की जाती है। पानी की स्वच्छता देखने के लिए घुलित आक्सीजन सबसे ज्यादा अहम है। घुलित आक्सीजन का सामान्य मानक छह मिलीग्राम है। अगर एक लीटर पानी में घुलित आक्सीजन छह मिलीग्राम से कम होती है तो मानक की दृष्टि से उस नदी का पानी स्वच्छ नहीं माना जाएगा।

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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी रैंकिंग

जिले का नाम घुलित आक्सीजन (डिजोल आक्सीजन) रैंक

बलिया- .२० डी

गाजीपुर- (तारीघाट) .५० डी

वाराणसी- (जमनिया ब्रिज)- .५० डी

वाराणसी- (अपस्ट्रीम) .७० सी

सोनभद्र- .१० डी

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पूर्वांचल में अन्य नदियों के जल की स्थिति

वाराणसी- वरुणा नदी- .८० डी

जौनपुर- सई नदी- .५० सी

जौनपुर- गोमती नदी- .४० सी

वाराणसी- गोमती नदी- .१० डी

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गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल रखने के लिए जागरुकता अभियान चलाते रहते हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में भी भ्रमण किया है। अभी भी गंगा में नालों के माध्यम से गंदा पानी गिराया जा रहा है। इससे गंगा प्रदूषित हो रही हैं। इस पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है।

रमाशंकर तिवारी, राष्ट्रीय प्रभारी, गंगा मुक्ति एवं प्रदूषण विरोधी अभियान।