देहरादून (ब्यूरो) बढ़ती डिमांड के चलते शहर में 300 से अधिक जिम सेंटर खुल चुके हैं। इनकी संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बताया जा रहा है कि कई जिम बगैर एक्सपर्ट ट्रेनर के चल रहे हैं। जबकि कई जिम संचालक सब्जबाग दिखाकर फूड सप्लीमेंट के नाम पर युवाओं को स्टेराइड के लिए प्रोत्साहित करते हैं। ऐसे ट्रेनरों से सावधान रहें। युवाओं में जिम का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है। हर कोई फिट रहना चाहता है। इसके लिए ट्रेनर के मार्गदर्शन में युवा एक्सरसाइज कर रहे हैं। पहले जहां जिम केवल युवाओं के लिए एक फैशन तक सीमित था, वहीं अब फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं। केवल बॉडी बिल्डिंग ही उनका मकसद नहीं है। इसके साथ अग्निवीर, वेटलिफ्टिंग, बॉडी-बिल्डिंग जैसे कॉम्पिटीशन में भी भाग लेते हैं।

इन चीजों से करते हैं एक्सरसाइज
जिम में जाकर युवा साइकिल, राइडर, स्पिनर, एब्डॉमिनल बेंच, चेस्ट बेंच, लेग एक्सटेंशन, शोल्डर प्रेस, डंबल, वॉकर, रोअर, स्ट्रैच, ट्रेडमिल्स, एलिप्टिकल्स आदि मशीनों से कसरत कर रहे हैं। इसके अलावा स्लिमर, फूट मसाजर, बॉडी मसाजर, नेक एंड शोल्डर मसाजर, जंप एरोबिक स्टेप, एडजस्टेबल हेंड ग्रिप, लेटेक्स ट्यूब, एरोबिक स्टेप आदि एसेसरीज से भी एक्सरसाइज की जा रही है।

स्टेराइड के बड़े साइड इफेक्ट्स
-किडनी फेल
-लिवर डैमेज
-लंग्स कमजोर
-सेक्स हार्मोन की कमी
-नसों से संबंधित बीमारी

गाइडेंस के बिना न लें स्टेराइड
दून हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ। कुमार जी कॉल का कहना है कि आम एक्सरसाइज के लिए स्टेराइड लेना खतरनाक हो सकता है। यदि किसी को कॉम्पिटीशन की तैयारी करनी है, तो भी बगैर स्पेशिलिस्ट डॉक्टर के इसे न लें। इसके अधिक मात्रा में लेने से आप कई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। फूड सप्लीमेंट भी बहुत ज्यादा मात्रा में न लें। नॉर्मल एक्सरसाइज के लिए नैचुरल डायट ही सबसे कारगर है। हर व्यक्ति का शरीर अगल-अलग कैपेसिटी का होता है। इसलिए चार दिन में बॉडी बिल्डर बनने का सपना न पालें।

क्या कहते हैैं स्पेशलिस्ट्स
स्टेराइड लेना शरीर के लिए नुकसानदेह होता है। इससे बचने का प्रयास करें। यदि जरूरी है, तो स्पोट्र्स डाक्टर के गाइडेंस में लिया जाए। ओवरडोज से तमाम अवसादों से ग्रसित होने की संभावना बढ़ जाती है। इसे नजरअंदाज न करें।
डॉ। कुमार जी कॉल, सीनियर फिजिशियन, दून हॉस्पिटल

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