-एमडीडीए वीसी के निर्देश, इंदिरा मार्केट रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम सही नहीं, तो होंगे नए टेंडर

देहरादून, 15 फरवरी (ब्यूरो)।
सिटी में ट्रैफिक के लिए सबसे बड़ा बोटलनेक आढ़त बाजार की शिङ्क्षफ्टग के लिए जहां प्रयास जारी हैं। वहीं, अब मच्छी बाजार को विस्थापित करने के लिए भी एक्सरसाइज शुरू हो चुकी है। बाकायदा, एमडीडीए के वीसी ने थर्सडे को इस बारे में बैठक ली। दरअसल, पलटन बाजार जैसे व्यस्ततम क्षेत्र से सटे मच्छी बाजार की संकरी गलियों में हमेशा न केवल जाम लगा रहता है। बल्कि, यहां से उठने वाली दुर्गंध लोगों के लिए हमेशा मुसीबत बनी रहती है। इसको देखते हुए एमडीडीए के वीसी ने तत्काल शिफ्टिंग के लिए प्रस्ताव बनाने के कहा है। बताया जा रहा है कि प्राधिकरण की ओर से इसके लिए नए आढ़त बाजार के प्रस्तावित स्थल के करीब स्थित ब्राह्मणवाला में स्थान भी चिह्नित कर लिया गया है।

इंदिरा मार्केट पर निष्कासन नोटिस
इस दौरान वीसी ने पाया कि इंदिरा मार्केट रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर धीमी गति से काम किया जा रहा है। ठेकेदार को कई बार निर्देश दिए जाने के बाद भी निर्माण में सुधार नहीं हो पा रहा है। वीसी ने इस पर नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को निष्कासन नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कहा, यदि संबंधित फर्म सामग एमडीडीए रियलिटी प्रा।लि। का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो इस कंडीशन में दूसरे फर्म के लिए टेंडर फ्लोट किए जाएं।

इन पर भी हुआ मंथन
-सीएम आवास तक सौंदर्यीकरण में लेट होने पर भी ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश।
-ठेकेदार को 3 दिन का समय देकर प्रोग्रेस रिपोर्ट का परीक्षण किया के लिए कहा गया।
-स्पष्ट किया गया कि इसमें सुधार न हुआ तो दूसरे ठेकेदार का चयन तेजी से किया जाए।

टूरिज्म फैसिलिटीज पर फोकस
अथॉरिटी क्षेत्र में टूरिज्म फैसिलिटीज के डेवलपमेंट पर भी जोर दिया गया है। ईको पार्क के प्रपोजल को जमीं पर उतारने के लिए डीपीआर तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, मालदेवता स्थित प्रपोज्ड वाटरफॉल ब्यूटिफिकेशन, गौरा देवी पार्क सौंदर्यीकरण, आईएसबीटी पार्क आदि के शिलान्यास कर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए भी कहा गया है।

जीपीएस से जुड़ेंगे सिटी के पार्क
शहंशाही-झड़ीपानी ट्रैक की मरम्मत के साथ ही टूरिस्ट की सुविधाओं के लिए बेंच, शेड जैसे इंतजाम करने के लिए कहा गया है। वीसी ने कहा है कि सिटी में जहां पर पार्कों की देखरेख एमडीडीए के अधीन हैं, लोकेशन जीपीएस ट्रैक से लगातार की जाए। जिससे पार्क में स्वच्छ व मेनटेन रह सकें।

इनको लेकर दिए गए निर्देश
-रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स में फ्लैटों की बिक्री के लिए मार्केङ्क्षटग प्लान तैयार हो।
-तरला आमवाला में तालीम प्रोजेक्ट के लिए मार्केङ्क्षटग स्टाफ की तैनाती की जाए।
-तालीम प्रोजेक्ट में रेरा रजिस्ट्रेशन को विस्तारित किया जाए।
-आलयम व धौलास प्रोजेक्ट के वित्तीय सपोर्ट के लिए लोन योजना पर हो काम।
-आलयम की भूमि के कुछ भाग पर नगर निगम व लोगों की आपत्ति, किया जाए सीमांकन।
-ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान कराए गए फसाड के अधूरे काम जल्द पूरे हों।
-कंपाउंङ्क्षडग कैंप में नक्शों के निस्तारण में तेजी लाएं व जीरो पेंडेंसी पर हो काम।
-आईएसबीटी के नजदीक प्राधिकरण की भूमि पर कॉमर्शियल लेआउट प्लान तैयार हो।


आईएसबीटी से कम राजस्व
एमडीडीए वीसी ने पाया कि आईएसबीटी से रोजाना फीस के रूप में प्राप्त होने वाला रेवेन्यू दूसरे राज्यों की तुलना में कम है। कहा गया कि पूर्व में आवंटित दुकानों के लिए मासिक शुल्क को दोबारा रिव्यू किया जाए। इसके लिए गठित कमेटी को एक सप्ताह का समय दिया गया।
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