देहरादून (ब्यूरो) फन, फिटनेस और हेल्दी लाइव। इसी का नाम है साइकिलिंग। दून सिटी में भी लोगों के बीच साकिलिंग की ख्वाहिश कम नहीं है। कोविडकाल का वो दौर याद कीजिए, जब राजधानी की सड़कों पर साइकिल ही साइकिल नजर आया करती थीं। उस वक्त तो गली-मोहल्लों तक साइकिल की शॉप्स खुल गईं थीं। लेकिन, जैसे ही कोविड पर नियंत्रण हुआ, मानो लोगों के हाथ से साइकिल कम होती गई। ऐसा नहीं है कि दूनवासी साइकिलिंग नहीं चाहते हैं। साइकिलिंग पसंद हैं। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दून में करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा साइकिल ग्रुप्स मौजद हैं। जिनमें साल दर साल साइकिलिस्ट में संख्या में इजाफा भी देखने को मिल रहा है।

हर उम्र के लोगों में क्रेज
मैत्री साइकिल क्लब के सचिव सुधीर बडोनी की मानें तो वे पिछले 10 सालों से साइकिल ग्रुप्स से जुड़े हुए हैं। उनका मानना है कि लोगों में साइकिलिंग को लेकर लगातार क्रेज देखने को मिल रहा है। चाहे वह किसी भी उम्र सीमा का क्यों न हो। सुधीर बडोनी का ये भी कहना है कि जिस प्रकार से आज की यंग जनरेशन मोबाइल की दुनिया से बाहर निकल पा रहा है। उस लिहाज से साइकिलिंग बेहतर जरिया हो सकता है। जिससे वे खुद को फन व फिटनेस महसूस कर खुद को नेचर के करीब पा सकते हैं। वे कहते हैं कि उनके मैत्री साइकिल क्लब में 215 से ज्यादा लोगों की की टीम है। जिसमें 16 से 70 साल के साइकिलिस्ट हैं। ये सभी साइकिलिंग के प्रति अवेयर हैं और दूसरे को भी कर रहे हैं।

साइकिलिंग के फायदे
-फन एंड फिटनेस
-हेल्दी लाइफ
-खुद को नेचर से कनेक्ट कर पाना
-साइकिलिंग के जरिए पर्सनैलिटी डेवलेपमेंट

कोविडकाल में 50 परसेंट बढ़ी थी डिमांड
सुधीर बडोनी ये भी बताते हैं कि कोविडकाल में लोगों की बीमारी से जूझना पड़ रहा था। इसके बाद अचानक साइकिल की डिमांड बढ़ी और साइकिलिंग करने वालों की संख्या में भी 50 परसेंट तक का इजाफा देखने को मिला।

साइकिल ट्रैक न होने से अपनों को खोया
मैत्री क्लब सचिव ये भी कहते हैं दून शहर में साइकिलिंग ट्रैक न होने से कइयों के अरमानों पर पानी फिर रहा है। स्थिति ये भी देखने को मिली कि देहरादून से पहाडिय़ों की ओर साइकिलिंग करने वालों को बड़े वाहनों से एक्सीडेंट्स का शिकार भी होना पड़ा। इस वजह से करीब 5 से 6 लोगों को जान गंवानी पड़ी। जिस कारण साइकिल प्रेमियों ने साइकिलिंग ही छोड़ दी। साइकिल प्रेमियों का कहना है कि सरकार को शहर में साइकिल ट्रैक के बारे में सोचना चाहिए।

मांग बढ़ी, फिर घट गई
साइकिल कारोबारियों की मानें तो कोरोना के दौरान साइकिल की डिमांड में करीब 80 परसेंट तक का उछाल देखने को मिला। लेकिन, अब सेल में गिरावट दर्ज की जा रही है। एन एवरेज अब दून में ढ़ाई से तीन हजार तक साइकिल सेल हो रहे हैं।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से ट्रैक गायब
कई बार स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में साइकिल ट्रैक तैयार होने का जिक्र किया गया था। लेकिन, एक मात्र छोटा सा ट्रैक डेवलेप हो पाया। जिस कारण साइकिल प्रेमियों में मायूसी व उदासी छाई हुई है।

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