देहरादून(ब्यूरो) सीएम धामी ने ने कहा कि इस यात्रा में हमारे राज्य ने भी मुख्य रूप से प्रतिभाग किया है। कहा कि अमृत कलश यात्रा में देवभूमि के सुदूरवर्ती अंचलों के 95 विकासखडों, 101 नगर निकायों से 192 तथा नेहरू युवा केंद्र से 166 स्वयंसेवक उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे। कहा कि इस महाभियान में सभी ने अपनी भागीदारी निभाई है। यह कलश यात्रा अमर शहीदों के त्याग एवं बलिदान को हमारे मस्तिष्क में चिरस्थाई रखने के उद्देश्य से देशभर में मेरी माटी मेरा देश महाभियान के अंतर्गत चलाई जा रही है। इस यात्रा के तहत अमर शहीदों की तपोभूमि की मिट्टी को अमृत कलश में दिल्ली स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक तक पहुंचाया जा रहा है। अमृत कलश यात्रा के तहत देशभर से 7500 कलशों में आने वाली मिट्टी और पौधों को मिलाकर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के पास अमृत वाटिका बनाई जाएगी। कार्यक्रम में उत्तरकाशी के कलाकारों ने चौंफला नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

सैनिक सुविधाओं में होगी वृद्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सेना न केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति पताका चारों ओर फहरा रही है। केंद्र सरकार जहां एक ओर सेना के आधुनिकीकरण पर बल दे रही है, वहीं दूसरी ओर सैनिकों और उनके परिवारों को मिल रही सुख-सुविधाओं का भी ख्याल रख रही है। राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री जी के दिशा-निर्देशन में सैनिकों एवं उनके परिवार को मिलने वाली सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने से लेकर शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियु1ित देने का निर्णय भी इसी आशय से लिया है।

घर-घर मनाया जा रहा अजादी का अमृत महोत्सव
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि आजादी के अमृतकाल का यह वर्ष देश की संप्रभुता, एकता, अखंडता एवं सशक्त भारत की परिकल्पना को साकार करते हुए विश्व पटल पर एक महाशक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है। देश आज जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सक्षम एवं दूरदर्शी नेतृत्व के कारण तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर हो रहा है, वहीं आज पूरा देश एकजुट होकर आजादी का अमृत महोत्सव अभियान से प्रत्येक घर और व्यक्ति को जोड़कर अखण्ड भारत की छवि एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर लाने का प्रयास भी बेहद सफल रहा है।

ये रहे मुख्य रूप से मौजूद
इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक खजानदास, सुरेश सिंह चौहान, उत्तराखंड संस्कृत साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट, अध्यक्ष कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड (मंडी) अनिल डब्बू, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, सचिव एचसी सेमवाल, निदेशक संस्कृति सुश्री बीना भट्ट और आईटीबीपी और एसएसबी के अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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