-बरेली में अटके लोगों के लिए पेट भरने की समस्या

-ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था नहीं होने से पैदल जाना पड़ रहा घर तक

बरेली: कोराना कफ्र्यू अब कई लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन रहा है। खासकर उन लोगों के लिए जो इनकम के लिए बाहर से आकर बरेली में रह रहे हैं। ऐसे लोग अब जैसे-तैसे घर पहुंचने की कोशिश में हैं। कोराना कफ्र्यू में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर पूरी तरह पाबंदी होने से इन लोगों को घर तक रास्ता पैदल ही तय करना पड़ रहा है।

लॉकडाउन से बढ़ी प्रॉब्लम

बरेली सिटी में आस-पास के टाउंस और विलेजेज से बड़ी संख्या में लोग इनकम के लिए या तो हर रोज आते-जाते हैं या यहीं रहकर जॉब करते हैं। लॉकडाउन के बाद से ही ऐसे लोग अपनी इनकम के साथ ही अपने रहने, खाने-पीने के लिए टेंशन में आ गए थे। उनकी यह टेंशन टयूजडे को तब और भी बढ़ गई जब प्रधानमंत्री ने देशभर में 21 अप्रैल तक पूरी तहर लॉकडाउन रहने की घोषणा कर दी। इसके बाद से वेडनेसडे को बरेली में पूरी तरह लॉकडाउन हो गया। इससे अधिकांश इनकम सोर्सेज भी बंद हो गए हैं। इससे अब सिटी में रह रहे बाहरी लोगों के लिए घर जाने के अलावा कोई चारा नहीं बना है।

रामनगर तक सफर चले पैदल नापने

आंवला के रामनगर के कई युवा पीलीभीत बाई पास रोड पर एक मार्केटिंग कंपनी के प्रोडेक्ट्स को डोर-टू-डोर सेल करने का काम करते थे। कोराना कफ्र्यू लागू होने के बाद कंपनी ने मार्केटिंग बंद कर दी और इन युवाओं को घर जाने को कह दिया। यहां रेंट पर रहे इन युवाओं के सामने अब घर जाने तक का संकट खड़ा हो गया। पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने से इन आठ युवाओं ने बरेली से पैदल ही 40 किलोमीटर दूर रामनगर अपने घर जाने का मन बना लिया। पैदल जा रहे इन युवाओं ने बताया कि सिटी में सबकुछ बंद होने से उनके सामने पेट भरने की समस्या है। इसके अलावा कमरे का रेंट भरना भी उनके लिए भारी है। ऐसे में उनके सामने पैदल घर जाने के अलावा कोई आप्शन भी नहीं है। पैदल जा रहे इन युवाओं में लक्ष्मण, योगेश, जोगेन्द्र, सत्यप्रकाश, टीटू, धर्मेश, जसवंत, संजू शामिल थे।

Posted By: Inextlive

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