लखनऊ (ब्यूरो)। सुप्रीम फैसले के दिन को शांति व सफलता से गुजारने का अहम हिस्सा रहे एसएसपी अयोध्या आशीष तिवारी ने बताया कि इस फैसले के साथ-साथ अयोध्या में दीपोत्सव, परिक्रमा व कार्तिक मेला भी बड़े आयोजन थे, लिहाजा उन्होंने तैयारियां चार महीने पहले शुरू कर दी थी। तैयारियों को तीन कैटेगरी में बांटा गया-सांप्रदायिक, आतंकवाद और सोशल मीडिया। इन्हीं कैटेगरी को ध्यान में रखते हुए पूरे अयोध्या का रूट चार्ट बनाया गया। फोर्स को डिप्लॉयमेंट के साथ-साथ 200 मोबाइल टीमें बनाई गईं। इतना ही नहीं, चार महिला क्यूआरटी 'शेरनी' के नाम से बनाई गईं। एसएसपी तिवारी ने बताया कि पांच साला अपराधियों का सत्यापन किया गया। 2000 मनबढ़ चिन्हित किये गए।

इंटेलीजेंस की पूरी हेल्प

सेंट्रल व लोकल इंटेलिजेंस अफसरों को एक ग्रुप में जोड़ा गया। जिससे रियल टाइम एक्शन में मदद मिली। हर थाने का वाट्सएप ग्रुप बनाया गया। साथ ही एसपी आरए द्वारा सॉफ्टवेयर के जरिए ड्यूटी लगाई गई। येलो जोन को बैरिकेडिंग के जरिए पूरी तरह घेराबंदी किया गया। सभी धर्मों व प्रोफेशन्स के समूहों से संपर्क कायम किया गया। इस पूरी कवायद में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, डीजीपी ओपी सिंह, एडीजी लखनऊ जोन एसएन साबत, एडीजी आशुतोष पांडेय का अनुभव व दिशानिर्देश से पूरी व्यवस्था को चाक-चौबंद करने में मुख्य रूप से मदद मिली। पूरे जिले में 18000 वाल पेंटिंग कर बीट कॉन्सटेबल से अधिकारियों तक के मोबाइल नंबर पेंट कराए गए ताकि, किसी छोटी सी घटना में भी लोग तुरंत फोन कर सकें। उन्होंने कहा कि टीमवर्क से फैसले का दिन बेहद सहूलियत व शांतिपूर्वक गुजर गया।  

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