नई दिल्ली (एएनआई)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्वामी चिद्भवानंदजी की भगवद गीता का किंडल वर्जन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लॉन्च किया। इस दाैरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गीता हमें सोचने पर मजबूर करती है। यह हमें सवाल करने के लिए प्रेरित करती है। यह बहस को प्रोत्साहित करती है और हमारे दिमाग को खुला रखती है। गीता से प्रेरित कोई भी व्यक्ति हमेशा स्वभाव से दयालु और लोकतांत्रिक होगा।

गीता की सुंदरता उसके लचीलेपन में

पीएम ने कहा भगवद गीता की सुंदरता उसकी गहराई, विविधता और लचीलेपन में है। आचार्य विनोबा भावे ने गीता को एक ऐसी माता के रूप में वर्णित किया है जो ठोकर लगने पर उसे अपनी गोद में ले लेती है। महात्मा गांधी, लोकमान्य तिलक, महाकवि सुब्रमण्यम भारती जैसे महान व्यक्ति गीता से प्रेरित थे।

ई-बुक्स की लोकप्रियता युवाओं में बढ़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि ई-बुक्स की लोकप्रियता युवाओं के बीच काफी ज्यादा देखी जा रही है। भगवद गीता को डिजिटल बनाने के प्रयासों में इसके विचार से और अधिक युवाओं को जोड़ा जाएगा। अनन्त गीता और गौरवशाली तमिल संस्कृति के बीच संपर्क को गहरा किया जाएगा।

स्वामीजी ने 186 पुस्तकों को लिखा

बता दें कि स्वामी चिद्भवानंदजी तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के थिरुप्पराईथुराई में श्री रामकृष्ण तपोवनम आश्रम के संस्थापक हैं। स्वामीजी ने 186 पुस्तकों और साहित्यिक रचना की सभी विधाओं को लिखा है। भगवद गीता पर उनका विद्वतापूर्ण कार्य इस विषय पर सबसे व्यापक पुस्तकों में से एक है।

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