-एंटी करप्शन टीम ने की कार्रवाई, परिवहन निगम में हडकंप

-कंडक्टर को दोषमुक्त कराने के लिए ले रहा था 15 हजार रुपए रिश्वत

बरेली. रुहेलखंड डिपो के एआरएम ऑफिस के क्लर्क राजीव कुमार सक्सेना को एंटी करप्शन की टीम ने 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी रुहेलखंड डिपो में कार्यालय सहायक सेकेंड के पद पर तैनात था. बाबू ने बिना किराये लगेज ले जाने के मामले में फंसे कंडक्टर कुनाल राय को दोषमुक्त कराने के नाम पर 15 हजार रुपये की डिमांड की थी. एंटी करप्शन टीम ने सदर कोतवाली में बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया है.

बिना टिकट ले जा रहा था लगेज

5 मई को रुहेलखंड डिपो की बस संख्या यूपी 27 टी 1616 को लेकर ड्राइवर विनीत कुमार और कंडक्टर कुनाल राय बरेली से हल्द्वानी के लिए निकले थे. बस में 24 यात्री सवार थे, जबकि 300 किलो का लगेज रखा गया था, जिसका टिकट कंडक्टर ने नहीं बनाया था. नगला के पास सहायक यातायात निरीक्षक सुरेश और पद्म भूषण वर्मा ने रोककर चेकिंग की तो मामला पकड़ में आ गया. उन्होंने कंडक्टर पर तीन टिकट यानी 281 रुपये का जुर्माना लगाया. आरोप है कि थर्सडे अभिलेख में हेराफेरी कर इस मामले को खत्म करने के लिए कार्यालय सहायक सेकेंड राजीव कुमार सक्सेना ने एआरएम के नाम पर 15 हजार रुपये की डिमांड कुनाल से की थी.

ऐसे किया गिरफ्तार

कुनाल ने एआरएम के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन डिपार्टमेंट में की. जहां से इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में टीम गठित की, जिसमें सुरेश दत्त मिश्र, नरेश चंद्र शर्मा, अमर सिंह, पद्म सिंह, ओमराज सिंह शामिल थे. टीम ने फ्राइडे को प्लानिंग के तहत 15 हजार रुपये लेकर कंडक्टर को आरोपी के ऑफिस में भेजा. जैसे ही कुनाल ने बाबू के हाथ में रुपए दिए पीछे से एंटी करप्शन डिपार्टमेंट की टीम भी पहुंच गई और उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.

भनक लगते ही खिसके अफसर

एंटी करप्शन की इस कार्रवाई के बाद पुराने बस स्टैंड एरिया में हडकंप मच गया. कार्रवाई की भनक दूसरे डिपो के कुछ अधिकारियों को भी लग गई, जिसके बाद अधिकारी भी धीरे से निकल गए, इसे लेकर विभागीय लोग तरह-तरह की चर्चाएं भी कर रहे थे.

ऑर्डर दबाकर मांगता था रिश्वत

रुहलेखंड डिपो के इस आरोपी बाबू पर पहले ही आरोप लग चुके हैं. बताया जाता है कि कई बार एआरएम के स्तर से कर्मचारी को दोषमुक्त होने का आदेश जारी कर दिया जाता था, लेकिन राजीव ऑर्डर को दबा देता था और कर्मचारी से दोषमुक्त कराने के नाम पर रुपए की डिमांड करता था. इसकी शिकायत लेकर कुछ कंडक्टर ने एआरएम से शिकायत भी की जिसके बाद राजीव की फटकार भी लगी. वहीं जो कर्मचारी डर की वजह से शिकायत नहीं करते थे उनसे रिश्वत लेकर राजीव उन्हें दोषमुक्त होने का ऑर्डर थमा देता था.

एंटी करप्शन की रडार पर एआरएम

एंटी करप्शन की टीम की रडार पर रुहलेखंड डिपो के एआरएम भी आ गए हैं. कार्रवाई के दौरान भी एंटी करप्शन डिपार्टमेंट की टीम बार-बार पूछ रही थी. टीम के सदस्यों के मुताबिक इस मामले में एआरएम का भी नाम आया है, मामले में उनकी भूमिका को लेकर टीम जांच कर रही है.

मैने नहीं की रुपए की डिमांड

एआरएम एसके वर्मा ने कहा कि मैंने रुपए की कोई डिमांड नहीं की थी. पहले भी कई बार कार्यालय सहायक सेकेंड राजीव कुमार सक्सेना को ऑर्डर दबाने के नाम पर फटकार लगाई जा चुकी है. ठोस प्रमाण न मिलने के कारण उसके खिलाफ एक्शन नहीं लिया जा सका. अब उसे सस्पेंड किया जाएगा.