कानपुर। भारत बनाम साउथ अफ्रीका के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला रांची में खेला जा रहा। इस मैच में भारत ने पहली पारी में 497 रन बनाए। भारत को इतने बड़े स्कोर तक पहुंचाने में हिटमैन रोहित शर्मा का अहम योगदान रहा। दाएं हाथ के ओपनर रोहित ने 212 रन की पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर का पहला दोहरा शतक है।

टेस्ट में रोहित का नया अवतार

साउथ अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा सीरीज में रोहित का एक अलग ही अवतार दिख रहा है। जिस बल्लेबाज को तीन टेस्ट शतक लगाने में पांच साल लग गए थे। उसी बल्लेबाज ने एक ही सीरीज में तीन शतक ठोंक दिए, जिसमें एक डबल सेंचुरी है। रोहित के इस नए वर्जन को देख हर कोई हैरान है। टेस्ट में रोहित के इस बदले अवतार की वजह उनकी बैटिंग पोजीशन है। हिटमैन को पहले टेस्ट में छठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जाता था जिसमें वह फ्लाॅप हो रहे थे मगर इस सीरीज में जबसे उन्हें ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई, हिटमैन रुकने का नाम नहीं ले रहे।

india vs south africa 3rd test: रोहित को टीम इंडिया में लाने वाला कौन था भारतीय कप्तान

2007 में रखा था इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम

महाराष्ट्र के नागपुर में जन्में रोहित शर्मा ने अपने क्रिकेट की शुरुआत मुंबई से की थी। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में मुंबई की तरफ से काफी शानदार बल्लेबाजी की। यही वजह है कि साल 2007 में उन्हें पहली बार इंटरनेशनल मैच खेलने को मिला। रोहित को पहली बार टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में शामिल करने वाले भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ हैं। द्रविड़ की कप्तानी में रोहित ने स्काॅटलैंड में आयरलैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू किया, हालांकि पहले मैच में उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला।

7वें नंबर पर आकर बनाए आठ रन

रोहित के बल्ले से पहला इंटरनेशनल रन 26 जून 2007 को आयरलैंड के खिलाफ मैच में निकला। इस वनडे मुकाबले में रोहित को सातवें नंबर पर बैटिंग का मौका मिला और वह 8 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि वनडे करियर के तीसरे मैच में रोहित ने फिफ्टी जड़ दी थी।

india vs south africa 3rd test: रोहित को टीम इंडिया में लाने वाला कौन था भारतीय कप्तान

तीन साल बाद लगाया पहला शतक

रोहित को पहला इंटरनेशनल शतक लगाने में तीन साल लग गए। 2007 में डेब्यू करने के तीन साल बाद 2010 में रोहित ने जिंबाब्वे के खिलाफ पहला वनडे शतक ठोंका। उस मैच में हिटमैन ने 114 रन की पारी खेली थी, इसकी वजह थी कि उन्हें चौथे नंबर पर बल्लेबाजी का मौका मिला। कहते हैं वनडे और टेस्ट में रोहित को शुरुआत से ही ओपनिंग मिल जाती तो आज उनके नाम कई सारे रन और काफी शतक होते।

डेब्यू टेस्ट में ठोंकी थी सेंचुरी

रोहित भारत के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हैं जिन्होंने डेब्यू टेस्ट में सेंचुरी ठोंकी है। रोहित ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा था और पहले ही मैच में 177 रन बनाए थे। यही नहीं अगले टेस्ट में रोहित ने फिर से शतक लगाया। मगर उसके बाद उन्हें तीसरा शतक लगाने में चार साल लग गए। 2017 में श्रीलंका के खिलाफ रोहित ने अपने टेस्ट करियर का तीसरा शतक ठोंका था।

india vs south africa 3rd test: रोहित को टीम इंडिया में लाने वाला कौन था भारतीय कप्तान

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari

Cricket News inextlive from Cricket News Desk