सीसीएसयू ने वेबसाइट पर जारी की नकलचियों की लिस्ट

51.67 फीसदी करीब स्टूडेंट सिर्फ एलएलबी से नकल करते पकड़े गए

447 स्टूडेंट्स को पकड़ा गया था सेमेस्टर एग्जाम में नकल करते हुए

158 स्टूडेंट्स सिर्फ एलएलबी फ‌र्स्ट ईयर के नकल करते पकड़े गए

231 छात्र-छात्राओं पर कार्रवाई की गई है एलएलबी में

स्टूडेंट को हो अहसास इसलिए जारी की है लिस्ट

Meerut. सीसीएसयू ने मुख्य व सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान पकड़े गए नकलचियों की लिस्ट को ऑनलाइन कर दिया है. इनमें नकलचियों के नाम, क्लास व किस श्रेणी के नकलची हैं ये भी लिखा गया है. लिस्ट के आधार पर अधिकतर नकलची कानून की पढ़ाई करने वाले छात्र है. सेमेस्टर एग्जाम में 231 छात्र-छात्राओं की परीक्षा निरस्त की गई. वहीं, कुछ छात्रों को दो वर्ष तक परीक्षा देने से प्रतिबंधित किया गया है. इसके अलावा मुख्य परीक्षा में भी सबसे अधिक नकलची कानून की पढ़ाई करने वाले छात्र ही हैं.

सेमेस्टर में ये है हाल

गौरतलब है कि सेमेस्टर एग्जाम में 447 छात्र-छात्राओं को नकल करते हुए पकड़ा गया था, छात्रों पर कार्रवाई के लिए विवि ने समिति बनाई थी. यूएफएम कमेटी के मुताबिक एलएलबी प्रथम में 158, तृतीय में 48 और पंचम सेमेस्टर में 25 छात्र-छात्रा नकल करते पकड़े गए. एलएलबी में ही 231 छात्र-छात्राओं पर कार्रवाई की गई है. यानी 51.67 फीसदी नकलची स्टूडेंट सिर्फ एलएलबी से हैं. इसमें भी एलएलबी प्रथम सेमेस्टर में अकेले 35 फीसदी छात्र हैं जिन पर नकल में कार्रवाई हुई है. यूनिवर्सिटी के अनुसार बीबीए के सभी सेमेस्टर में 37, बीसीए में 25, बीएससी एजी में 19, बीए-एलएलबी में 38, बीडीएस में 21 और एमबीबीएस में 13 छात्र-छात्राओं पर नकल में कार्रवाई हुई.

मुख्य परीक्षा में 33 पर कार्रवाई

मेन एग्जाम में नकल करते पकड़े गए 15 स्टूडेंट्स सिर्फ एलएलबी के हैं. इसके अलावा तीन बीएड के है, एक एमबीबीएस का, दो बीसीए के, दो एमबीए के, दो बीएससी के , एक एमएससी का, एक बीसीए और एक बीईपी, छह बीडीएस, एक बीपीई,एक बीएससी एक एमबीबीएस का स्टूडेंट है.

किस श्रेणी में कितने छात्र

थर्ड श्रेणी में 15 छात्र, तीन छात्र सेकेंड श्रेणी में, 11 नकलची फोर्थ श्रेणी में है, दो फाइव, सिक्स श्रेणी में सात स्टूडेंट्स है.

लड़कियां भी आगे

अभी तक 360 नकलची पकड़े जा चुके हैं. इनमें 255 ग‌र्ल्स है, वहीं ब्वॉयज की संख्या इनकी 105 है. वहीं पिछले पांच सालों में पहले भी लड़कियों की संख्या व लड़कों की संख्या में अनुपात. 4 :1 का ही रहा है. यानी चार पर एक लड़की, लेकिन इस बार लड़कियां संख्या ज्यादा बताई जा रही है. इनमें अधिकतर प्राइवेट ही है.

दो नम्बर श्रेणी में अधिक है

नकल करने वालों की कैटगरी को भी यूनिवर्सिटी ने नियमानुसार पांच कैटगरी में डिवाइड किया है. इनमें पहले नम्बर की कैटगरी वालों को छूट दी जाती है. इस बार 360 में से 160 छात्र दो नम्बर श्रेणी के नकलची हैं. 70 छात्र एक नम्बर श्रेणी में है, 100 छात्र तीन नम्बर श्रेणी में है और 20 छात्र चार व 10 छात्र पांच नम्बर श्रेणी के नकलची है, इनको विवि की तरफ से लेटर जारी किया जा रहा है, लेटर घर पहुंचने के बाद ही पेरेंट्स यूनिवर्सिटी में आलाधिकारियों के पास उनकी सजा कम करने की गुहार लगा रहे हैं

कैटगरी का क्या है मतलब

एक नम्बर श्रेणी

जैसे पीछे मुड़कर बात करना या इधर उधर से पूछना

दो नम्बर श्रेणी

इनका संबंधित पेपर कोड कैंसिल कर दिया जाता है, इसमें जैसे हलका फुल्का कुछ पाया गया हो.

तीन नम्बर श्रेणी

जिसके पास पेपर पर लिखा हुआ मिले, मिलान करने पर पेपर से मैच हो. ऐसे में स्टूडेंट्स की परीक्षा रद्द की जाती है.

चार नम्बर श्रेणी-

पकडे़ जाने पर अभद्र व्यवहार यानि मिसबिहेव करते हैं, ऐसे स्टूडेंट्स को तीन साल के लिए डिबार कर दिया जाता है.

पांच श्रेणी

मुन्नाभाई यानि किसी दूसरे की परीक्षा देते हुए पकड़े गए हो, ऐसे स्टूडेंट को यूनिवर्सिटी अपने यहां एडमिशन के लिए बैन कर देती है.

लगातार मेरे पास पेरेंट्स आ रहे हैं, बोल रहे हैं कि स्टूडेंट्स ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराएंगे, लेकिन ऐसे में हम कुछ नहीं कर सकते क्योंकि गलती की है तो उसकी कार्रवाई तो समिति करेगी ही, स्टूडेंट को लिस्ट को साझा इसलिए किया गया है ताकि उनकी गलती का अहसास हो.

धीरेंद्र कुमार वर्मा, रजिस्ट्रार, सीसीएसयू