सफाई कर्मचारियों की डयूटी में फंसी नगर की सफाई

2018-10-08T06:00:11Z

वार्डो में कर्मचारियों का आवंटन न होने से नही उठ पा रहा कूड़ा

Meerut। जनवरी में होने वाली स्वच्छता रैकिंग में अच्छे अंक प्राप्त करने का निगम भले ही दावा कर रहा हो लेकिन हकीकत यह है कि शहर के कूड़ा निस्तारण के लिए अभी तक वार्डो में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति तक भी नही की गई है। शहर के आधे से अधिक ऐसे वार्ड हैं जहां नाममात्र सफाई कर्मचारियों की डयूटी है जिस कारण से वार्डो में जगह जगह कूडे़ का ढेर लगा हुआ है। अब निगम सफाई कर्मचारियों की बराबर डयूटी आवंटित कर इस समस्या से भी निपटारे की योजना बना रहा है।

90 वार्डो में अव्यवस्था

दरअसल निगम सीमा का विस्तार होने के बाद 10 नए वार्डो का निर्धारण किया गया। अब इन 10 नए वार्डो में सफाई कर्मचारियों की तैनाती को लेकर साल की शुरुआत से ही निगम में विवाद चल रहा है। निगम के 3200 सफाई कर्मचारियों में से इन नए वार्डो में अभी तक एक भी सफाई कर्मचारियों की स्थाई नियुक्ति नही की गई है। वहीं 200 सफाई कर्मचारियों की नई नियुक्ति की गई लेकिन यह भर्ती भी विवादों में घिरने के कारण वार्डो में नए सफाई कर्मचारी पहुंच नही पाए हैं।

सुपरवाइजर पर सख्ती

शहर के वार्डो से कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था के लिए अब नगरायुक्त ने सुपरवाइजर और सफाई कर्मचारियों पर सख्ताई करते हुए नियमित सफाई की रिपोर्ट देने और गंदगी के पहले और बाद के फोटो खीचंने का आदेश जारी किया है। यहां तक की खुद नगर स्वास्थ्य अधिकारी सफाई का निरीक्षण करेंगे।

कई वार्डो में सफाई कर्मचारियों की कमी के चलते कूड़ा नही उठ पा रहा था लेकिन अब सफाई कर्मचारियों की नए स्तर पर डयूटी लगाकर काम कराया जा रहा है। सभी जगह जल्द कूड़ा उठ जाएगा।

डॉ। कुंवर सेन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी


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