बच्‍चों के हाथ में देना पड़े अपना स्‍मार्टफोन तो पहले कर लें ये काम वर्ना हो जाएंगे परेशान

2018-10-13T08:46:27Z

यूं तो बच्चों के हाथों में फोन नहीं देना चाहिए क्योंकि यह डिवाइस बच्चों के खेलने की चीज बिल्कुल भी नहीं है। बच्‍चों को एक बार फोन की आदत लग गई तो फिर उसे छुड़ाना मुश्किल हो सकता है।

कानपुर। अगर बच्चों के साथ अपना स्मार्टफोन शेयर कर रहे हैं, तो फिर फोन की सेटिंग्स को चाइल्ड फ्रेंडली बनाना चाहिए, ताकि बच्चे फोन का मजा भी ले सकें और उनकी गलती से आपको कोई परेशानी या नुकसान भी ना उठाना पड़े।

सिक्योरिटी लॉक को करें एनेबल
सबसे आसान तरीका यह है कि बच्चों को फोन अनलॉक करके न दें। एंड्रॉयड फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इसमें पैटर्न और पासवर्ड लॉक की सुविधा होती है। इसके अलावा, आजकल फिंगर सेंसर और फेस डिटेक्शन का ऑप्शन भी स्मार्टफोन में आ गया है। फोन में सिक्योरिटी लॉक का तरीका भी आसान है।

- सबसे पहले फोन की सेटिंग्स > सिक्योरिटी में जाएं।

- यहां पर स्क्रीन लॉक पर टैप करें। सिक्योरिटी लॉक का ऑप्शन आपके फोन में होता है। आप पैटर्न लॉक लगा सकते हैं। यह पासवर्ड की तरह ही इस्तेमाल करने में आसान होता है। वैसे, अपनी सुविधा के हिसाब से किसी भी तरह के सिक्योरिटी लॉक को अपना सकते हैं। बच्चों से बचाए रखने के मामले में पासवर्ड या फिंगर सेंसर लॉक ज्यादा कारगर साबित होता है।

बदलें प्ले स्टोर की सेटिंग्स
अगर बच्चे फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो वह गूगल प्ले स्टोर से कुछ भी डाउनलोड कर सकते हैं। ऐसे में एप पर्चेज को कंट्रोल करने के लिए कुछ तरीके आजमाना सकते हैं..

- इसके लिए गूगल प्ले स्टोर पर पैरेंटल कंट्रोल्स को ऑन करना होगा। इसके लिए सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर एप को ओपन करें। फिर इसके मैन्यू में जाएं। यह आपको टॉप-लेफ्ट कॉर्नर में मिलेगा। मेन्यू में जाने के बाद सेटिंग्स में जाएं। यहां पर नीचे आपको पैरेंटल कंट्रोल्स का विकल्प दिखाई देगा। उसे ऑन कर दें।

- ऑन करने के बाद आपसे पिन क्रिएट करने के लिए कहा जाएगा। पिन ऐसा रखें कि बच्चे आसानी से इसका अनुमान न लगा सके। इसके बाद बच्चों की उम्र के हिसाब से एप्स ऐंड गेम्स को रिस्टि्रक्ट कर सकते हैं।

पर्चेज करने से रोकें - कई बार बिना सोचे- समझे बच्चे पेड एप्स को भी डाउनलोड कर लेता है। अगर गूगल प्ले स्टोर से बच्चा कुछ पर्चेज कर लेता है, तो उसे रोक सकते हैं। हालांकि इस बात का खतरा तब ही है, जब आपके प्लेस्टोर में अकांउट में फंड हो या आपके क्रेडिट कार्ड की डीटेल उसमें सेव हो।

- गूगल प्ले स्टोर की सेटिंग्स में जाने के बाद यहां पर आपको रिक्वायर ऑथेंटिकेशन फॉर पर्चेज का विकल्प मिलेगा। इस पर टैप करें।

- फिर यहां पर फॉर ऑर पर्चेजेज थ्रू गूगल प्ले ऑन हिज डिवाइस के ऑप्शन को सलेक्ट करें। इस ऑप्शन को एनेबल करने के बाद जब भी कुछ यहां से बच्चे पर्चेज करना चाहेंगे, तो आपके कनेक्टेड गूगल एकाउंट के पासवर्ड की जरूरत पड़ेगी। इस तरह ऐप पर्चेस करने से रोक सकते हैं।

अननोन सोर्स ऐप को करें डिसेबल
केवल गूगल प्ले स्टोर से ही बच्चे एप्स और गेम्स डाउनलोड नहीं कर सकते, बल्कि ब्राउजर के जरिए भी ऐसा करना संभव है। ऐसी स्थिति में अपने फोन की सेटिंग्स में अननोन सोर्स के ऑप्शन को डिसेबल कर दें। इस तरह अननोन सोर्स से डाउनलोड को रोक सकते हैं।

- इसके लिए सबसे पहले फोन की सेटिंग्स > सिक्योरिटी में जाएं। स्क्रॉल डाउन करने पर अननोन सोर्स का विकल्प मिलेगा। इसे ऑफ कर दें।

क्या करें जब बच्चे हों स्मार्ट
अगर आपके बच्चे ज्यादा स्मार्ट हैं, तो फिर इस ऑप्शन को ऑन कर फिर से एप्स और गेम्स डाउनलोड कर सकता है। ऐसे में आपको कुछ और तरीके अपनाने होंगे।

डाउनलोड करें यूट्यूब किड्स बच्चे यूट्यूब बहुत पसंद करते हैं, लेकिन मेन ऐप पर बच्चे क्या देखे, उसे कंट्रोल करने के ज्यादा ऑप्शंस नहीं है। ऐसे में यूट्यूब किड्स एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यहां पर आपको पूरा कंट्रोल मिलता है कि बच्चे क्या देखें और क्या नहीं। यह बच्चों की उम्र के हिसाब से कंटेंट को फिल्टर करता है।

लॉक करें सेंसेटिव एप्स
फोन में बैंकिंग जैसे कई सेंसेटिव एप्स होते हैं। ऐसे एप्स को लॉक करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसके लिए एप्स लॉक एप या एंटीवायरस ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं। इसकी मदद से फोन के किसी भी एप को लॉक करने के साथ उसे हाइड भी कर सकते हैं। बैंकिंग, सोशल मीडिया, गैलरी जैसे एप्स को बच्चों से हाइड कर रखना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

फोन का सेफ जोन है बड़े काम का
बच्चों के लिए फोन के अंदर ही एक सेफ जोन बना सकते हैं। इसके लिए किड्स प्लेस एप का इस्तेमाल करना होगा। इसमें किड्स फ्रेंडली एप्स होते हैं। इसका इंटरफेस भी बच्चों के हिसाब से ही है। लेकिन खास बात यह है कि बच्चे इस एप से बाहर मूव नहीं कर सकते। अगर बच्चे बैक बटन के जरिए इस एप से बाहर निकलना चाहे, तो यह एप फिर से रिलॉन्च हो जाएगा। अगर बच्चे फोन को रिस्टार्ट भी कर देते हैं, तब भी यह एप ऑटोमैटिकली ओपन हो जाएगा। यहां से बच्चे तभी बाहर निकल पाएंगे, जब एप सेटिंग्स के दौरान प्रोवाइड कराया गया पासवर्ड डालेंगे, जिस केवल आप ही जानते हैं। इसके अलावा, इसमें बहुत सारे पैरेंटिंग टूल्स भी मिल जाएंगे, जो बड़े काम के हैं।

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