पति पत्‍नी के रिश्‍ते में टकराव रूठना मनाना सब स्‍वाभाविक है इसे रोका नहीं जा सकता। महत्‍वपूर्ण ये है कि आप अपने रिश्‍तों में आयी उलझनों को सुलझाते कैसे हैं। आइए जानते हैं पति पत्‍नी के रिश्‍तों में तनाव के कुछ कारण और उसे सुलझाने के तरीके।


एक प्यार में रूठ जाए और दूसरा मना ले ये तो किसी भी रिश्ते में मुमकिन है और ताजगी बनाए रखने के लिए जरूरी भी है। लेकिन आप किस बात पर रूठे हैं ये सामने वाले को ना पता है और ना वो आपको मना रहा है तो फिर ये इस बात की निशानी है कि आपके रिश्ते में कहीं कुछ गड़बड़ है, जरूरी है कि इस गड़बड़ को बड़ा इश्यू बनने से पहले सुलझा लिया जाए वरना पति पत्नी के रिश्ते में तनाव और ठहराव आते देर नहीं लगेगी। क्यों होता है तनाव रिश्ते में तनाव आने के कई रीजन है और कई बार तो ऐसे सामान्य होते हैं कि अगर वक्त रहते इन पर ध्यान दे दिया जाए तो कोई दिक्कत नहीं होती पर यही मामूली बाते अगर नजरअंदाज की दी जाएं तो बड़ी प्राब्लम बन जाती हैं। उम्मीदों के पहाड़


पति पत्नी अक्सर एक दूसरे बहूत बड़ी उम्मीदें लगा लेते हैं। जाहिर है कि हर कोई एक अलग इंसान होता है और सबकी अपनी सीमायें होती है। कोई भी परफेक्ट नहीं होता फिर पती और पत्नी एक दूसरे से सुपर परफेक्ट होने की अपेक्षा क्यों करते हैं। गलती सबसे होती है पर सामने वाला दूसरे को गलती करने की स्पेस नहीं देगा और खुद को सही ही मानता रहेगा तो कैसे चलेगा। झगड़े पर झगड़ाये भी एक बड़ा रीजन है कि एक झगड़ा खत्म नहीं होता और कपल्स उसी झगड़े को लेकर नया झगड़ा शुरू कर देते हैं बजाए उसे सुलझाने या मुद्दे को ठंडा होने का समय दिए।

मैं क्यूं झुकूं दो विरोधी देशों की तरह एक दूसरे के सामने डट जाने में कोई समझदारी नहीं है ये बात दोनों ही जानते हैं मगर कोई भी अपनी गलती मानने और झुकने को तैयार नहीं होता। कोई भी दूसरे के प्वाईट ऑफ व्यू को समझना चाहता ही नहीं है। जाहिर है कि एक ने झगड़ा शुरू किया होगा पर दूसरा भी लगातार उस पर अपने तर्क देता जाता है बजाय इसके कि वो बात को खत्म कर दे। कहें ही नहीं सुने भी


कभी कभी सिर्फ एक जना अपनी बात कहे और दूसरा सुने। पर अपनी बातों में वो बातें ना कहें जो झगड़े की कंप्लेन हो की तब तुमने ऐसा किया, वैसा कहा जो गुजर गया उसे जाने दें। एक दूसरे की लिमिटस को उनकी बातों में सुनें और समझें। आसमान झूती उम्मीदों के टूटने की वजह इन्हीं बातों से निकलेंगी जब आप जानेंगे कि सारी उम्मीदें तो सुपर हृयूमन ही पूरी कर सकता है जबकि आपका पार्टनर साधारण इंसान है। हर चीज को रवायत ना बनायें प्यार के तरीकों को भी उसमें भी चेंज लायें और एक दूसरे को अपनी चाहत बतायें। एक दूसरे के लिए समय निकालें ये स्टेप प्राब्लम भी है और साल्यूशन भी। कभी भी एक दूसरे को नजरअंदाज ना करें शादी कर के आप दोनों ने एक दूसरे पर नही शायद खुद पर अहसान किया है क्योंकि आप ने उसका साथ पाया जिसका प्यार आपके लिए इंर्पोटेंट है। इसलिए एक दूसरे के साथ समय गुजारने का मौका कभी भी मिस ना करें। साथ घूमें, कॉमन इंट्रेस्ट के काम शेयर करें। एक दूसरे पर गौर करें और कांप्लीमेंट करें।

Posted By: Molly Seth