- आईआईटी का ग्लाइडर ड्रोन बहुत उंचाई से करेगा निगरानी, इसमें कोई आवाज नहीं होती

-ये ड्रोन किस एरिया और किस पर नजर रख रहा है, इसका भी बिलकुल पता नहीं चल पाता

KANPUR: कोरोना की रोकथाम के लिए कानपुर में जिन 13 एरिया को हॉटस्पॉट घोषित कर उन्हें सील किया गया है, वहां की निगरानी अब आइआइटी कानपुर के ग्लाइडर ड्रोन से की जाएगी। इस ड्रोन की खासियत ये है कि 360 डिग्री पर सभी चीजों को रिकॉर्ड कर सकता है। नॉर्मल कैमरा 180 डिग्री पर चीजों को रिकॉर्ड करता है। इसका फ्राइडे को यतीमखाना चौराहे पर ट्रायल भी किया गया। हालांकि, ट्रायल में टेक्निकल प्रॉब्लम की वजह से ये उड़ान नहीं भर सका और फिर नॉर्मल ड्रोन से इन एरिया का जायजा लिया गया। कानपुर सिटी के अलावा सजेती और घाटमपुर के हॉटस्पॉट में भी ड्रोन से लगातार निगरानी चल रही है।

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मेन रोड से उड़ेगा ये ड्रोन

एचडी क्वालिटी क्षमता का यह ड्रोन काफी बड़े क्षेत्र पर नजर रख सकता है। यतीमखाना चौराहा के पास इसका ट्रायल भी किया गया। ड्रोन लेकर आए एक्सप‌र्ट्स ने यहां की गलियों को देखकर अफसरों के सामने अपनी प्राब्लम बताई। उन्होंने बताया कि गलियों की वजह से ग्लाइडर ड्रोन को सही रनवे नहीं मिलेगा और यह ऊपर तक नहीं जा पाएगा। इस ग्लाइडर ड्रोन को किसी मुख्य और चौड़ी सड़क से उड़ाने के बाद सघन आबादी वाले क्षेत्रों में निगरानी की जा सकती है। इस पर फैसला हुआ कि मेन रोड से इसे उड़ाया जाए।

साउन्डलेस है ये ड्रोन

ये ग्लाइडर ड्रोन में किसी तरह की आवाज नहीं आती और नॉर्मल ड्रोन से ज्यादा ऊंचाई पर उड़ने में कैपेबल है। इसकी वजह से ये किस एरिया और किस पर नजर रख रहा है, इसका पता नहीं चल पाता है। अभी तक नॉर्मल ड्रोन की आवाज से ही लोग घरों में घुस जाते हैं। इसलिए लोगों को आईडेंटिफाई करने में मुश्किलें आ रही हैं। ये ग्लाइडर ड्रोन लगातार 1 घंटे तक आराम से उड़ान भर सकता है।

डीएम-डीआईजी ने भी देखा

इस दौरान डीएम डॉ। ब्रह्मदेव राम तिवारी और डीआईजी अनंत देव ने भी इस खास ग्लाइडर ड्रोन को देखा। यहां कुछ लोग छज्जों पर नजर आए तो डीएम ने उनसे किसी तरह की होने वाली परेशानी के बारे में भी पूछा। डीएम ने आश्वासन दिया कि आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

Posted By: Inextlive