बिजली बिल नहीं जमा करने वालों को डीपीएस से मिलेगी मुक्ति

Updated Date: Thu, 24 Sep 2020 03:48 PM (IST)

RANCHI:लॉकडाउन के दौरान अगर आपने अपने घर का बिजली बिल जमा नहीं किया है तो अब आपको फायदा होगा। अगर आपने अप्रैल, मई और जून महीने का बिजली बिल ऑनलाइन या किसी दूसरे माध्यम से जमा कर दिया है, तो आपको फायदा नहीं होगा। झारखंड बिजली वितरण निगम ने आम लोगों को लॉकडाउन के दौरान बिजली के बिल में राहत देने के लिए डिले प्रोसेसिंग चार्ज (डीपीएस) माफ कर दिया है। लेकिन यह फायदा सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जिन्होंने अभी तक बिजली का बिल जमा नहीं किया है। जिन लोगों ने जमा कर दिया है उनको इससे कोई लाभ नहीं मिलेगा।

इंडस्ट्री को मिलेगा बड़ा फायदा

सरकार ने जो डीपीएस माफी की घोषणा की है, उससे इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिलेगा। साथ ही जो बड़े व्यावसायिक संस्थान हैं उनको भी इसका फायदा मिलेगा। दूसरी ओर आम घरेलू उपभोक्ताओं को भी इसका फायदा मिलेगा। हालांकि, यह फायदा केवल उन उपभोक्ताओं को ही मिलेगा जिन्होंने अभी तक इन 3 महीनों का बिजली बिल जमा नहीं किया या फिर जिनका बिजली बिल जुलाई में रेज होने के बाद बिल आ गया और उन्होंने जमा नहीं किया है। जिन्होंने इन 3 महीनों का बिजली बिल ऑनलाइन या अन्य माध्यम से जमा कर दिया है, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।

30 से 35 करोड़ रुपए होगा नुकसान

झारखंड बिजली वितरण निगम ने उपभोक्ताओं को डीपीएस माफ करने की घोषणा कर दी है। इससे वितरण निगम को अनुमानत: 30 से 35 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। वितरण निगम के अधिकारी इसका हिसाब-किताब लगाने में जुट गए हैं। इसमें अप्रैल से जून महीने तक के बिजली बिल को निकाला जाएगा ताकि इसमें यह पता चल सके कि किसने बिल जमा किया और किसने नहीं।

हर सप्ताह लगता है डीपीएस फाइन

बिल रेज होने के बाद अगर उपभोक्ता ड्यू डेट तक बिल जमा नहीं करते हैं तो प्रति सप्ताह कुल बिल का आम उपभोक्ताओं को डेढ़ प्रतिशत के हिसाब से डीपीएस फाइन किया जाता है। इसके अलावा एचटी हाईटेंशन अथवा इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं को बिल रेज होने के बाद ड्यू डेट तक बिल जमा नहीं करने पर प्रति सप्ताह 4 परसेंट के हिसाब से डीपीएस फाइन किया जाता है।

भुगतान की स्थिति

1. ग्रामीण उपभोक्ता 60 लाख हैं, जिसमें से 40 लाख उपभोक्ताओं ने अप्रैल महीने से ही बिजली का बिल जमा नहीं किया है।

2. शहरी उपभोक्ता 12 लाख हैं, इनमें से भी बड़ी संख्या में लोग नियमित रूप से बिजली का बिल नहीं दे रहे हैं।

3. एचटी उपभोक्ता 1600 से 1700 के करीब हैं, जिसमें रेलवे एवं एचईसी उपभोक्ताओं से प्राप्त होने वाला कुल राजस्व 170 से 180 करोड़ रुपए है। इन तीन महीनों में इनका बिल बिल्कुल नहीं आया।

वसूली के लिए चल रहा है अभियान

लॉकडाउन के बाद लोगों ने विभाग को बिल देने में काफी कोताही बरती है। हालत यह है कि सिर्फ रांची सर्किल में ही 37 करोड़ रुपए बिजली का बिल लोगों पर बकाया है। अब वितरण निगम के द्वारा जिन भी कंज्यूमर के पास 10 हजार से अधिक बिल बकाया है, उनके घर का कनेक्शन काटने का अभियान शुरू कर दिया गया है। राजधानी में कई लोगों के घरों का कनेक्शन काटा गया है। अब इंजीनियरों के दबाव के बाद लोगों ने बिजली बिल धीरे-धीरे देना शुरू किया है।

Posted By: Inextlive
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