Kartarpur Corridor: पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कॉरीडोर से बेहतर होंगे भारत-पाक के रिश्‍ते

2019-11-09T19:47:19Z

करतारपुर (पाकिस्तान) (पीटीआई)करतारपुर कॉरिडोर के खुलने से भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में 'काफी सुधार' होगा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को यहां सीमा पार से भारतीय तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे के साथ यहां आने के बाद यह बात कही।

पीएम इमरान खान ने किया पहले जत्थे का स्वागत
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा के लिए ऐतिहासिक करतारपुर कॉरिडोर का शनिवार को औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे का स्वागत किया, जो पाकिस्तान में गुरु नानक देव के अंतिम विश्राम स्थल गुरुद्वारा दरबार साहिब को पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक से जोड़ने वाले गलियारे से आया।

मनमोहन सिंह ने बताया 'बड़ा क्षण'
मनमोहन सिंह पहले जत्थे के साथ यहां पहुंचे, जिसमें अकाल तख्त जत्थेदार हरप्रीत सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल, क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू और भाजपा सांसद सनी देओल शामिल थे। पाकिस्तानी पत्रकारों से बात करते हुए, पूर्व प्रधानमंत्री ने कॉरिडोर के उद्घाटन को 'बड़ा क्षण' करार दिया। उन्होंने कहा, 'भारत और पाकिस्तान के संबंध इस शुरुआत के परिणामस्वरूप काफी हद तक सुधरेंगे।'

दो बार के प्रधानमंत्री 87 वर्षीय मनमोहन सिंह व उनकी पत्नी ने गुरुद्वारा दरबार साहिब में मत्था टेका। द नेशन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री अमरिंदर ने कहा कि सिख समुदाय 70 वर्षों से इस मार्ग की प्रतीक्षा कर रहा था, और यह एक अच्छी शुरुआत है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य और मंत्रियों सहित पंजाब के सभी 117 विधायक और सांसद भी पहले 'जत्थे' का हिस्सा हैं।

पीएम मोदी ने तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को किया रवाना
इससे पहले, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 से अधिक तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को झंडी दिखाकर रवाना किया, कहा कि करतारपुर कॉरिडोर के खुलने के बाद दरबार साहिब गुरुद्वारे जाना आसान होगा। यह कहते हुए कि देश के लिए करतारपुर कॉरीडोर को समर्पित करते हुए सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि गलियारे के खुलने और एकीकृत चेक पोस्ट से लोगों को दोहरी खुशी मिलेगी।

भारत और पाकिस्तान के संबंधों ने 5 अगस्त को भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू और कश्मीर को दिए गए विशेष दर्जे को समाप्त करने व उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद से खराब चल रहे हैं। कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में जमी बर्फ के बावजूद पिछले महीने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद, 9 नवंबर को करतारपुर कॉरीडोर के उद्घाटन का मार्ग प्रशस्त हुआ।

करतारपुर कॉरिडोर से हर दिन जा सकेंगे 5,000 तीर्थयात्री
पाकिस्तान और भारत के बीच हुए समझौते के अनुसार, भारत से 5,000 तीर्थयात्री प्रतिदिन मंदिर जा सकते हैं और भविष्य में संख्या बढ़ाई जा सकती है। 12 नवंबर को सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक की 550 वीं जयंती से पहले बहुप्रतीक्षित गलियारे को लॉन्च करने के लिए सीमा के दोनों ओर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। गुरु नानक देव ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष करतारपुर साहिब में बिताए।

Posted By: Chandramohan Mishra

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