तार के जाल से जल रहे ट्रांसफार्मर पब्लिक हो रही बेहाल

2019-07-19T06:00:12Z

- तारों के आपस में टकराने की वजह से जल रहे ट्रांसफार्मर

- कई-कई दिन गुल हो जा रही मोहल्लों की बिजली

- बीते दिनों ही जल गए 200 ट्रांसफार्मर, वर्कशॉप में चल रहे वेटिंग

GORAKHPUR: शहर में पिछले काफी समय से बिजली सप्लाई की लाइनों के तार व ट्रांसफार्मर लोगों के लिए जी का जंजाल बने हुए हैं। कोई ऐसा मोहल्ला नहीं है, जहां बिजली तार ना लटकते हों या उनका जाल न फैला हो। हवा के झोंको से झूलते तार आपस में टकरा कर लोगों के घरों की बत्ती गुल कर देते हैं। साथ ही इसका असर ट्रांसफार्मर पर भी पड़ता है। अगर तेज हवा आती है तो तारों के चिपकने से ट्रांसफार्मर भी दग जाते हैं। उधर, बिजली विभाग के जिम्मेदार हैं कि तारों की रिपेयरिंग कराने के लिए लाखों रुपए खर्च कर देते हैं फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। वर्कशॉप से मिली जानकारी के मुताबिक बिजली तारों के टकराने से ज्यादातर 10 केवीए, 25 केवीए और 63 केवीए के ट्रांसफार्मर ही दग रहे हैं। ट्रांसफार्मर जलने से सबसे ज्यादा बुरा हाल रूरल एरिया का है। वहीं, शहर में भी बारिश के दिनों में करीब 50 से अधिक ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। जबकि अभी भी 200 से अधिक ट्रांसफार्मरों को बदला जाना है। बताया जा रहा है कि बिजली विभाग हाल में 60 ट्रांसफार्मर बदल चुका है लेकिन अभी भी कई ट्रांसफार्मर वेटिंग पर चल रहे हैं।

वेटिंग पर कई मोहल्लों के ट्रांसफार्मर

शहर के 70 वार्डो की बात की जाए तो आज भी झूलते तार परेशानी का सबब बने हुए हैं। आए दिन फॉल्ट और हवा के चलते तार टूटने से सप्लाई घंटों बाधित रहना आम बात हो गई है। हालांकि कुछ जगहों पर अब केबल लगाए गए हैं लेकिन लाइन का तार नहीं बदला जा सका है। आलम यह है कि झूलते तार आए दिन हादसे को दावत रहे हैं। बता दें, पिछले साल अक्टूबर माह मे झूलते तारों को टाइट कराया गया था। निगम ने इसकी मरम्मत में लाखों रुपए खर्च किए लेकिन इसके बाद भी समस्या दूर नहीं हो पा रही है। इसी की नतीजा है कि बारिश के दिनों में शहर और रूरल एरिया मिलाकर करीब 200 ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। वर्कशॉप में ट्रांसफार्मर बदलने के लिए आए दिन हायतौबा मची हुई है इसके बावजूद भी कई एरिया के ट्रांसफार्मर वेटिंग पर चल रहे हैं।

पेड़ गिरने से टूट रहे झूलते तार

पिछले शनिवार को हवा के चलते हाईटेंशन तार पर पेड़ की डाली टूटकर गिरने से दो उपकेंद्रों की लाइन पूरी तरह ठप हो गई। इसकी वजह से कंज्यूमर्स को बिना लाइट और पानी के रहना पड़ा। उधर घरों में पानी को लेकर हायतौबा मची रही। दिन भर कई इलाकों में फॉल्ट की वजह से बिजली आती-जाती रही।

फॉल्ट ने बढ़ाया लोड, चूने लगा तेल

शिवपुर सहबाजगंज एरिया में एक माह पहले फॉल्ट की वजह से 63 केवीए के ट्रांसफार्मर का तेल चूने लगा। रात में इलाके की सप्लाई ठप करनी पड़ी। इलाके के लोगों की शिकायत के बाद आनन-फानन में ट्राली ट्रांसफार्मर मंगवाया गया। गुरुवार को ट्रांसफार्मर की मरम्मत कराने का कार्य शुरू किया गया। इस दौरान करीब दो घंटे बिजली सप्लाई बंद करनी पड़ी। कटौती के चलते राप्तीनगर, पादरी बाजार, मानस विहार कॉलोनी, इंद्रप्रस्थपुरम आदि इलाकों में बिजली की आंखमिचौली चलती रही।

शहर में ट्रांसफार्मर

खंड ट्रांसफार्मर

प्रथम 557

द्वितीय 483

तृतीय 199

चतुर्थ 342

कोट्स

शहर के मुख्य बाजार में भी कई स्थानों पर बिजली की लाइनों के तार घरों के छज्जों के साथ गुजरे हुए हैं। शिकायत के बाद भी बिजली निगम उसे ठीक करने की जहमत नहीं उठाता।

रियाज

निगम के अफसरों को अच्छी प्रकार से पता है। कोई भी बात उनसे छुपी नहीं है, लेकिन अधिकारी भी झूलते तारों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

श्याम लाल

शायद अफसर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। बारिश के दिनों में आए दिन फॉल्ट की दिक्कत होती है। तार टूट कर सड़क पर गिर जाते हैं। लेकिन इसे दुरुस्त कराने कोई जिम्मेदार आगे नहीं आता।

रंजीत

वर्जन

शहर में बिजली की लाइनों के काफी तार बदल कर उनके स्थान पर केबल लगाई जा चुकी है। जिन स्थानों पर तार बचे हुए हैं उन्हें भी बदलने का काम चल रहा है। जरूरत पड़ी तो एहतियात के तौर पर जाल लगवा दिए जाएंगे।

उमेश चंद वर्मा, एसई वितरण निगम शहर


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