खाना कब मिलेगा गुरुजी

2014-07-08T07:00:42Z

- नए सेशन में परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में मिड डे मील की नहीं हो सकी शुरुआत

- भूखे पेट लौटते हैं बच्चे, टीचर्स से पूछते हैं सवाल

BARA(7 June, JNN):

गुरु जी क्या इस बार हम लोगों को दोपहर का खाना नहीं मिलेगा। एक हफ्ते से आ रहे हैं, लेकिन अभी तक खाना मिलना शुरू नहीं हुआ। घर में ही खाना खा आएं क्या। ऐसे ही सवाल छोटे छोटे बच्चे अपने टीचर्स से पूछते हैं। नया सेशन शुरू हुए एक सप्ताह बीत गया, लेकिन अभी तक परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में मिड डे मील योजना का संचालन शुरू नहीं हो सका है।

कहीं रसोइया नहीं तो कहीं गैस

विद्यालयों में एक सप्ताह बाद भी मिड डे मील न बन पाने के तमाम कारण गिनाए जा रहे हैं। कहीं पर रसोइया नहीं है तो कहीं पर रसोई गैस एवं ईधन का बंदोबस्त नहीं है, जबकि कई स्थानों पर खाद्यान्न तक की व्यवस्था नहीं हो पाई है। विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं का कहना है कि वे विद्यालय जाते हैं लेकिन घण्टे आधे घण्टे बाद ही घर जाने के लिए कह दिया जाता है। जब पूछा जाता है कि भोजन क्यों नहीं मिल रहा है तो सीधा सा जवाब मिलता है कि अभी इसकी कोई व्यवस्था शासन द्वारा नहीं की गई है।

जाकर अपने प्रधान से पूछो

कई बार तो शिक्षक लगभग डांटते हुए बच्चों को कहते हैं कि जाकर अपने ग्राम प्रधान से पूछो। वही इसकी व्यवस्था करेंगे। बच्चों के परिजन ग्राम प्रधान से पूछते हैं तो वहां भी गोलमोल जवाब मिलता है।

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प्रवेश के नाम पर वसूली

शिक्षा विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते क्षेत्र के माध्यमिक विद्यालयों में प्रवेश के नाम पर अभिभावकों एवं बच्चों से जमकर अवैध वसूली की जा रही है।

बताया जाता है कि इन दिनों माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा म्, 9 एवं क्क् में प्रवेश शुरू है लेकिन प्रवेश के नाम पर अधिकांश विद्यालयों में मनमानी वसूली की जा रही है। लोगों के अनुसार कक्षा म् में प्रवेश के लिए दो सौ, 9 में प्रवेश के लिए तीन सौ से पांच सौ एवं क्क् में प्रवेश के नाम पर पांच सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। इण्टर में कला वर्ग की अपेक्षा विज्ञान एवं वाणिज्य के बच्चों से और अधिक वसूली की जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि इसके अलावा प्रवेश पत्र के लिए भी अतिरिक्त पैसे लिए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार हाईस्कूल एवं इण्टर के छात्र छात्राओं से अंकपत्र के नाम पर ख्0 से भ्0 रुपये तक की वसूली की जा रही है।


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