स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ गया एनई रेलवे

2019-02-22T06:00:38Z

- ए-1 ग्रेड स्टेशन में पांच पायदान की गिरावट

- इससे पहले 7वें पायदान पर था एनईआर, अब 12वीं पोजीशन पर पहुंचा

- व्यवस्था बढ़ने और सभी प्लेटफॉर्म पर मैकेनाइज्ड क्लीनिंग होने के बाद भी पिछड़ा एनई रेलवे

GORAKHPUR: दुनिया के सबसे लंबे प्लेटफॉर्म की उपलब्धि हासिल करने वाला एनई रेलवे, साफ-सफाई के मामले में पिछड़ गया है। लास्ट इयर सर्वे में 7वीं पोजीशन पाने वाले एनई रेलवे को इस स्वच्छता सर्वे में 12वीं पोजीशन मिली है। यानि कि 2017 में जिस रेलवे के ए-1 और ए ग्रेड स्टेशन की सफाई व्यवस्था 7वें पायदान पर थी, वह अब पहले जैसी नहीं है और रेलवे के पांच जोन उनसे बेहतर परफॉर्मेस देकर रैंकिंग में ऊपर पहुंच चुके हैं। अब एनई रेलवे के सामने और बड़ा चैलेंज हो गया है कि वह पहले तो अपनी परफॉर्मेस को पिछली बार के बराबर लाएं और फिर वह इससे बेहतर परफॉर्म करें, जिससे उनका जोन देश में नंबर वन पहुंच सके।

नॉर्दन रेलवे बना नं। वन

देश भर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराकर पहली पोजीशन पर पहुंचना कोई मुश्किल काम नहीं है। इसका अंदाजा नॉर्दन रेलवे को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। 2017 की स्वच्छता रैंकिंग में नॉर्दन रेलवे को 8वीं पोजीशन मिली थी। इस बार यह नंबर 1 पहुंच चुका है, जबकि इनके पास ए और ए-1 कैटेगरी के 25 स्टेशन हैं। वहीं इन कैटेगरी के 36 स्टेशन रखने वाला साउथ सेंट्रल रेलवे भी चौथी से दूसरी पोजीशन पाने में कामयाब रहा है। लास्ट इयर पहली पोजीशन पाने वाले साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे को तीन प्लेस का नुकसान हुआ है और वह चौथी पोजीशन पर पहुंच गया है।

70 परसेंट स्टेशन को 700 से ज्यादा मा‌र्क्स

स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत सर्वे देश भर में कराया गया। इसमें सफाई व्यवस्था की जांच 407 स्टेशंस पर की गई। जिसमें 70 परसेंट स्टेशंस को 1000 में 700 से ज्यादा स्कोर मिला। यानि कि वहां सफाई व्यवस्था काफी बेहतर थी। इसमें 90 परसेंट या उससे बेहतर स्कोर पाने वाले महज 39 स्टेशन ही मिले। जबकि 70 से 90 परसेंट मा‌र्क्स हासिल करने वाले स्टेशंस की संख्या 247 है। 60 से 70 परसेंट के बीच 80 स्टेशन जगह बनाने में कामयाब रहे, जबकि 12 स्टेशन ऐसे थे, जिनके स्कोर 50 परसेंट से कम रहे।

जोनल रेलवे ओवरऑल रैंकिंग -

रेलवे जोन - स्टेशन एवरेज मा‌र्क्स रैंक 2018 रैंक 2017

एनडब्लूआर 25 906.0 1 8

एससीआर 36 837.1 2 4

ईसीआर 13 833.0 3 2

एसईसीआर 8 805.2 4 1

डब्ल्यूआर 28 801.4 5 5

एसडब्ल्यूआर 17 795.4 6 6

एसआर 50 774.2 7 9

सीआर 34 761.2 8 3

डब्ल्यूसीआर 17 746.8 9 13

एनएफआर 22 738.9 10 10

एनईआर 14 728.5 12 7

ईआर 15 702.2 13 11

एनआर 63 678.9 14 14

ईसीआर 35 666.1 15 16

एनसीआर 20 646.0 16 15

क्लीननेस स्कोर में भी चेंज

कैटेगरी ए-1

2017 - 685

2018 - 803

इनक्रीज - 17 परसेंट

कैटेगरी ए

2017 - 631

2018 - 742

इनक्रीज - 18 परसेंट

इवैल्युएशन मार्किंग -

प्रॉसेस इवैल्युएशन - 33.33 परसेंट

डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन - 33.33 परसेंट

सिटीजन फीडबैक - 33.33 परसेंट

स्टेशन मैनेजर इंटरव्यू

इन प्वाइंट्स पर हुआ इवैल्युशन

प्रॉसेस इवैल्युएशन -

पार्किंग एरिया ऑफ स्टेशन

मेन एंट्री

मेन प्लेटफॉर्म और फुट ओवर ब्रिज

डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन -

पार्किंग - ओपन एरिया, टॉयलेट

मेन एंट्री एंड टिकट काउंटर - ओपन एरिया, टॉयलेट

प्लेटफॉर्म - ओपन सिटिंग एरिया, वेंडर्स एरिया, टॉयलेट, ड्रिंकिंग वॉटर बूथ्स, वेटिंग रूम, रेलवे ट्रैक, फुट ओवर ब्रिज

वर्जन-

रेलवे का ध्यान स्वच्छता की ओर है। यही वजह है कि अब सभी जगह मैकेनाज्ड क्लीनिंग की व्यवस्था कर दी गई है। गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। अगली बार रैंकिंग बेहतर होगी।

- संजय यादव, सीपीआरओ, एनई रेलवे


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