पोएट से पता चलेगा रिजर्वेशन स्टेटस खाली बर्थ पता करने को लगेगी पीओईटी मशीन

2019-06-12T11:30:37Z

रेलवे की टिकट विंडो से रिजर्वेशन कराने वाले पैसेंजर्स को आने वाले दिनों में ट्रेनों में खाली बर्थ फेयर और पीएनआर चेक करने के लिए इधरउधर भटकना नहीं पड़ेगा पैसेंजर्स की सुविधा के लिए रेलवे गोरखपुर जंक्शन समेत सभी ए1 क्लास के स्टेशनों पर पैसेंजर ऑपरेटेड इंक्वायरी टर्मिनल 'पीओईटी' मशीन लगाने की तैयारी कर रहा है

- ए-1 ग्रेड स्टेशन पर लगाई जाएंगी पीओईटी मशीन

- रिजर्वेशन स्टेटस भी इसी के जरिए जान सकेंगे पैसेंजर

- रेलवे ने सेल्फ सर्विस के लिए मशीन लगाने के लिए की पहल

- गोरखपुर में 20 मशीन इंस्टॉल करने की है तैयारी

gorakhpur@inext.co.in
GORAKHPUR :
रेलवे की टिकट विंडो से रिजर्वेशन कराने वाले पैसेंजर्स को आने वाले दिनों में ट्रेनों में खाली बर्थ, फेयर और पीएनआर चेक करने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. पैसेंजर्स की सुविधा के लिए रेलवे गोरखपुर जंक्शन समेत सभी ए-1 क्लास के स्टेशनों पर पैसेंजर ऑपरेटेड इंक्वायरी टर्मिनल 'पीओईटी' मशीन लगाने की तैयारी कर रहा है. जिसे पैसेंजर्स खुद ऑपरेट कर सकता है. इसके जरिए रिजर्वेशन कराने से पहले अपनी ट्रेन की खाली बर्थ, किराए की जानकारी ली जा सकती है, तो वहीं डेस्टिनेशन के लिए सुविधाजनक ट्रेन में रिजर्वेशन का फॉर्म भी भरा जा सकता है.

रिजर्वेशन कराने में नहीं होगी प्रॉब्लम

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पीओईटी मशीन की मदद से पैसेंजर्स को रिजर्वेशन कराने में कोई भी प्रॉब्लम फेस नहीं करनी पड़ेगी. पीओईटी कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से पैसेंजर अपनी टिकट का फेयर व ट्रेन में खाली बर्थ की जानकारी आसानी से ले सकेगा. वर्तमान में काउंटर रेल टिकट लेने वाले पैसेंजर्स को ट्रेन की खाली बर्थ की जानकारी नहीं मिल पाती है. कंप्यूटराइज्ड पीओईटी मशीन से पैसेंजर्स के अप्लाई करते ही उसे एक टोकन मिल जाएगा. इसको रिजर्वेशन विंडो पर दिखाते ही बुकिंग क्लर्क पैसेंजर को उसकी निर्धारित ट्रेन की टिकट बना कर दे देगा.

स्टेशन कैंपस में 10मशीनें

गोरखपुर के विभिन्न प्लेटफॉर्मो पर 10 मशीनें लगाई जाएंगी. इसमें छह इंस्टॉल की जा चुकी हैं, तो वहीं चार को और इंस्टॉल कराया जाना है. इसके लिए पैसेंजर हॉल, वेटिंग रूम, प्लेटफार्म, रिजर्वेशन हॉल समेत कुछ स्पॉट फाइनल किए गए हैं, बाकी जगहों पर भी जल्द ही इंस्टॉलेशन वर्क शुरू हो जाएगा. रेलवे बोर्ड की इस पहल का फायदा गोरखपुर स्टेशन पर हजारों पैसेंजर्स को मिलेगा. रोजाना हजारों पैसेंजर्स रिजर्वेशन कराते हैं, अगर कैंपस में पीओईटी मशीनें लग जाएंगी, तो वहां का लोड कम होगा और पैसेंजर्स को काफी राहत मिलेगी. मौजूदा वक्त में करीब 35-40 परसेंट लोग पीआरएस के जरिए टिकट बुक कराते हैं.

गोरखपुर जंक्शन एक नजर

प्लेटफॉर्म - 10 प्लेटफॉर्म

एफओबी - 3

फूटफॉल - लगभग 38 हजार डेली

रोज गुजरने वाली ट्रेंस - 161

कैब-वे - 2

यात्रियों की सुविधा के लिए पैसेंजर्स ऑपरेटेड इनक्वायरी टर्मिनल लगाया जा रहा है. 10 में से 6 इंस्टॉल किया जा चुका है. जल्द ही बाकी मशीन को भी यहां इंस्टॉल कर दिया जाएगा.

- पंकज सिंह, सीपीआरओ, एनई रेलवे

Posted By: Syed Saim Rauf

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