न मरम्मत न जिम्मेदारी, फिर भी वसूली हमारी

Updated Date: Mon, 09 Dec 2019 05:45 AM (IST)

महज 500 मीटर दायरे पर कैंट बोर्ड की वसूली, जबकि पीडब्ल्यूडी बनाती है सड़क

- दिल्ली रोड पर महज 500 मीटर के दायरे के लिए वसूल रहे एंट्री फीस

- वाहन चालकों ने जताया विरोध, जबरन रोके गए वाहन

Meerut । कैंट बोर्ड द्वारा निर्धारित की गई एंट्री शुल्क की नई व्यवस्था शनिवार रात 12 बजे से लागू हो गई। इसके तहत कैंट बोर्ड ने कैंट एरिया में 11 प्वाइंट पर कामर्शियल वाहनों से एंट्री फीस वसूलने के लिए बैरियर लगाने शुरू कर दिए। ऐसे में कैंट बोर्ड ने रविवार को सुबह दिल्ली रोड पर एंट्री फीस वसूलनी शुरू कर दी। इस पर वाहन चालकों ने विरोध शुरु कर दिया। दिल्ली रोड का महज 500 से 600 मीटर तक की रोड कैंट के अंतर्गत आता है। महज इस दूरी के लिए रोजाना दिल्ली रोड से गुजरने वाले कमर्शियल वाहनों को एंट्री फीस देनी होगी।

टोल नही, ये है एंट्री फीस

कैंट की टैक्स वसूली पर नजर डालें तो एक साल पहले गजराज सिंह एंड कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में कैंट के टोल टैक्स को चुनौती दी थी। जिसके तहत 31 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि टोल टैक्स खत्म कर दिया जाए। इसके बाद कैंट बोर्ड ने कैंट बोर्ड सेक्शन 67 सी के तहत रूड़की रोड, मवाना और दिल्ली रोड पर व्यवसायिक वाहनों से व्हीकल एंट्री फीस वसूलना शुरु किया है।

11 जगहों पर हो रही जेब ढीली

कैंट में अभी तक रोहटा फाटक, आरए बाजार, बाउंड्री रोड, मेहताब सिनेमा, सरधना रोड, रेलवे रोड, तोपखाना में कॉमर्शियल वाहनों को कैंट एरिया में प्रवेश के लिए एंट्री फीस देनी पड़ता है। 8 दिसंबर से इन जगहों के साथ साथ 5 नए पाइंट पर भी कैंट ने एंट्री फीस वसूली की व्यवस्था शुरु कर दी है। ये 5 नए प्वाइंट लाला मोहकमपुर, डिस्टलरी क्रासिंग कंकरखेड़ा, रुड़की रोड पर लेखानगर के पास और दिल्ली रोड पर जलीकोठी के सामने बनाए गए हैं। इन प्वाइंट पर सभी तरह के निजी वाहन, कृषि उपयोग के वाहन और सरकारी वाहनों को टैक्स से छूट मिली हुई है।

500 मीटर के लिए वसूली

शनिवार रात से इन प्वाइंट पर शुरु हुई एंट्री फीस की वसूली कॉर्मशियल वाहनों को भारी पड़ रही है। सबसे अधिक परेशानी दिल्ली रोड पर वाहन मालिकों को हो रही है। दिल्ली रोड पर जलीकोठी के पास फैज ए आम इंटर कालेज के सामने कलेक्शन प्वाइंट बनाया गया है। इस प्वाइंट पर दिल्ली रोड का करीब 500 मीटर का एरिया कैंट क्षेत्र में आता है। मछेरान मेहबात सिनेमा से लेकर जलीकोठी तक दिल्ली रोड कैंट में शामिल है। इस इस रोड पर रोजाना दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, बागपत की तरफ से आने वाले हजारों कामर्शियल वाहन और रोडवेज बसों की आवाजाही रहती है। ऐसे में कैंट बोर्ड के लिए यह प्वाइंट सबसे अधिक प्रमुख है। इस रोड पर वाहनों की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली रोड पर प्वाइंट बनाया गया है लेकिन इसके शुरु होते ही इस पर विवाद भी शुरु हो गया है।

रोजाना 4 लाख से अधिक कमाई

गौरतलब है कि 11 पाइंट पर एंट्री फीस की व्यवस्था शुरु होने के बाद कैंट बोर्ड को रोजाना करीब 4 लाख रुपए से अधिक की कमाई होगी। बोर्ड बैठक में आठ दिसंबर से रोज 421750 रुपये के हिसाब से ठेका दिया गया था। इस व्यवस्था से पहले तक ठेकेदार रोजाना 1.20 लाख रुपये कैंट बोर्ड को देते थे।

व्यवसायिक वाहनों पर शुल्क

वाहन प्रवेश शुल्क

थ्री व्हीलर, आटो, रिक्शा 10 रुपये

टैंपो, टैक्सी 30 रुपये

हल्के कॉमर्शियल वाहन 50 रुपये

ट्रक और बस 100 रुपये

हैवी वाहन 250 रुपये

पहले दिन ही हुआ विरोध

दिल्ली रोड का कुछ हिस्सा कैंट एरिया में भले ही आता हो लेकिन इस रोड के निर्माण से लेकर मेंटिनेंस का काम पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जाता है। ऐसे में कैंट बोर्ड की इस एंट्री फीस का पहले दिन ही विरोध शुरू हो गया है। मछेरान मोड पर रविवार को दिनभर वाहन जबरन रोके गए। ऐसे में कई वाहन चालकों ने इसका विरोध भी किया लेकिन वाहन चालकों की नही चल सकी। इस मामले में कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने सीईओ कैंट को पत्र लिखकर आपत्ति भी दर्ज की है। ऐसे में दिल्ली रोड पर वसूली कैंट बोर्ड के परेशानी बन सकती है।

वर्जन-

मेरठ-दिल्ली रोड राष्ट्रीय राजमार्ग है। दोनों मार्ग छावनी की सीमा से गुजरते हैं, लेकिन दोनों सड़कों का रखरखाव प्रदेश और केंद्र सरकार का है। ऐसे में इन सड़कों से टैक्स लेना गलत है। कैंट बोर्ड को बैठक कर दोबारा इस पर विचार करना चाहिए।

- सत्य प्रकाश अग्रवाल, कैंट विधायक

कैंट अधिनियम के तहत एंट्री फीस के लिए जो 11 पाइंट चिन्हित किए गए हैं उन पर बोर्ड बैठक में निर्धारण हुआ था। सभी प्वाइंट छावनी सीमा में हैं। इसे लेकर कोई आपत्ति नहीं दर्ज हुई है।

- जयपाल सिंह तोमर, राजस्व अधीक्षक, कैंट बोर्ड

Posted By: Inextlive
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