मां तो हमेशा ही अपने बच्चों से प्यार करती हैं और उन्हें हमेशा सबसे अच्छा खाना परोसना चाहती हैं। पर आज हम आपको दे रहे हैं एक परफेक्ट मां बनने की टिप अगर आप बनना चाहती है प्यारी मगर आदर्श मां तो इस बात को जरूर अपनायें।

अपनी मां हर बच्चे के लिए वर्ल्ड की बेस्ट कुक होती है वो कुछ भी बनायें बच्चों को वो सबसे बेहतर लगता है। उम्र के आखिरी पड़ाव पर भी आपको कई लोग ये कहते मिल जायेंगे की मेरी मां ये चीज सबसे शानदार बनाती थीं, या फलां डिश तो मेरी मां से बेहतर कोई नहीं बना सकता। कुछ ऐसा ही खास होता है मां के हाथ के बनाए खाने का जादू और स्पेशल होता है मां का अपने बच्चों से रिश्ता । पर क्या, आप चाहती हैं कि आप अपने बच्चों की प्यारी मम्मा ही नहीं बेस्ट या आदर्श मम्मी भी बनें तो बस ये आसान सा नियम जिंदगी में मानें और बन जायें प्यारी मां के साथ सर्वश्रेष्ठ मां। ये आसान तरीका है कि रात के खाने में अपने बच्चों को सब्जियां परोसें।
ये बात हम यूं ही नहीं कह रहे बल्कि एक दुनिया के प्रसिद्ध विश्वविद्यालय के खाद्य एवं ब्रांड लैब की रिसर्च के आधार पर कह रहे हैं। इस शोध में कहा गया है कि अगर मां रात के खाने में सब्जियां परोसती हैं तो न सिर्फ उनके परिवार को उनके शानदार कुक होने पर विश्वास होगा बल्कि उनके बच्चे ये भी समझेंगे कि वे दुनिया की सबसे अधिक प्यार करने वाली मां हैं। शोध में कहा गया है कि प्लेट में अच्छी तरह से कुक की गयी सब्जियां बच्चों की खाने से अरुची कम करके उन्हें भरपेट खाने के लिए प्रेरित करती हैं और उन्हें  विश्वास दिलाती हैं कि खाना जरूर स्वादिष्ट ही होगा।

दिन की अपेक्षा बच्चे रात के भोजन के समय ही सब्जियां खाना पसंद करते हैं। लगभग 23 फीसदी मौकों पर पाया गया कि अगर डिनर में सब्जियां परोसी जाती हैं तो बच्चे उसे पसंद करते हैं और खुशी से खाते हें। इस शोध के लिए 500 माताओं में से कुछ ने पांच सामान्य मांस आधारित हाइपोथेटिकल खाना पेश किया, जिसमें या तो सब्जियां थी ही नहीं या फिर डिश को उभारने के लिए नाममात्र के लिए इस्तेमाल की गयी थीं। इन पांच भोजन में मछली, चिकन, लसानिया, आलू, ब्रोकली और ब्रेड थे। और कुछ माओं ने खाने में सब्जियोंसे बनी डिशेज सर्व कीं। ये साबित हुआ कि जिन्होंने सब्जियां परोसी थीं उनके बनाए भोजन को अधिक स्वादिष्ट पाया गया और माना गया कि वे बेहतर कुक भी हैं। ये शोध जुलाई 2015 में पिट्सबर्ग में सोसाइटी ऑफ न्यूट्रीशिन एजुकेशन एंड बिहेवियर के सालाना सम्मेलन में पेश भी किया जाएगा।

 

Posted By: Molly Seth