बच्चों के लिए दून में होगा अलग थाना

2018-11-17T06:00:46Z

- चाइल्ड फ्रैंडली थाने के लिए चुनी गई है धारा चौकी

- बाल आयोग की टीम आज करेगी चौकी का इंस्पेक्शन

देहरादून। दून में बच्चों के लिए जल्द ही चाइल्ड फ्रैंडली थाना डेवलप किया जाएगा। थाने का माहौल बच्चों के अनुरूप होगा ताकि रेस्क्यू कर लाए जाने वाले बच्चों के मन में थाने और पुलिस का डर न रहे और वे अपनी बात बखौफ शेयर कर सकें। अक्सर रेस्क्यू कर लाए जाने वाले बच्चे थाने का माहौल देखकर डर जाते हैं, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह कवायद बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा शुरू की गई है।

ऐसा होगा चाइल्ड फ्रैंडली थाना

- थाने का माहौल बच्चों के अनुकूल

- बच्चों के लिए लगाए जाएंगे कलरफुल सोफे

- बच्चों के लिए टैडी बियर व अन्य खिलौने होंगे उपलब्ध

- थाने की दीवारों पर लिखे होंगे इंस्पीरेशनल स्लोगन

- पुलिस सादी वर्दी में करेगी बच्चों से पूछताछ

सुप्रीम कोर्ट का है आदेश

बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर चाइल्ड फ्रैंडली थाना डेवलप किया जा रहा है। बताया कि हरियाणा और गुजरात में पहले ही आदर्श बाल कल्याण थाने खोले जा चुके हैं। अब उत्तराखंड में इसकी तैयारी है।

एक थाने में सारे डेस्क

चाइल्ड फ्रैंडली थाने में पुलिस के अतिरिक्त बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के डेस्क भी होंगे। रेस्क्यू कर थाने लाये जाने वाले बच्चों को इतने कार्यालयों के चक्कर न कटवाने पड़ें, इसके लिए सभी को एक डेस्टिनेशन पर क्लब किया जाएगा।

आज किया जाएगा इंस्पेक्शन

बच्चों के लिए स्पेशल थाने के लिए दून शहर के बीचों-बीच धारा चौकी को चुना गया है। बाल आयोग की टीम की ओर से आज (शनिवार) को धारा चौकी का इंस्पेक्शन किया जाएगा। आयोग की टीम जरूरी सुविधाओं और व्यवस्थाओं के लिए थाने में स्पेस आदि का जायजा लेगी।

---------

चाइल्ड फ्रैंडली थाना डेवलप करने के लिए धारा चौकी का इंस्पेक्शन किया जाएगा। जायजा लिया जाएगा कि यहां सभी व्यवस्थाओं के लिए अनुकूल सुविधाएं हैं या नहीं। इसके बाद थाना डेवलप करने की कवायद शुरू होगी।

- ऊषा नेगी, अध्यक्ष, बाल अधिकार संरक्षण आयोग


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.