संगतों के लिए खुले श्री हेमकुंड साहिब के कपाट

2014-05-26T07:01:07Z

-हेमकुंड साहिब में अरदास के लिए पूरे देश से पहुंचे श्रद्धालु

-श्रद्धालुओं के लिए लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के खुले कपाट

DEHRADUN : सिखों के पवित्र तीर्थ श्री हेमकुंड साहिब के कपाट संडे को संगतों के लिए खोल दिए गए। नौ बजे सिख रेजीमेंट के बैंड की धुनों के बीच हेमकुंड साहिब के कपाट खोले गए। श्री हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह आठ बजे से शुरू हुई। तकरीबन ढाई हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में अरदास की। इसके बाद संगतों ने निशान साहिब का चोला बदला। इस अवसर पर गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब के ट्रस्टी सरदार जनक सिंह भी मौजूद रहे। संडे को श्रद्धालुओं के लिए लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी खोल ि1दए गए हैं।

मुख्य ग्रंथी ने की पहली अरदास

हेमकुंड साहिब में शबद कीर्तन कार्यक्रम के बाद अरदास शुरू हुई। पहली अरदास हेमकुंड साहिब के मुख्य ग्रंथी भाई जस्सा सिंह ने की। इसके बाद हुकुमनामा पढ़ा गया। वहीं गुरुद्वारे को फूलों व लाइट्स से भव्य रूप दिया गया है। गुरुद्वारे की अद्भुत छटा संगतों को निहाल कर रही है। हेमकुंड साहिब समुद्र तल से क्भ् हजार दो सौ फीट की ऊंचाई पर स्िथत है।

क्0 अक्टूबर को बंद होंगे कपाट

हेमकुंड साहिब यात्रा साढ़े चार महीने तक चलेगी। हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि क्0 अक्टूबर को हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होंगे। संडे को पांच सौ श्रद्धालु गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए। गोविंदघाट गुरुद्वारे के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि तीर्थयात्रियों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। इससे पहले सैटरडे को गोविंदघाट से श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना हुआ था। घांघरिया में रात्रि विश्राम के बाद यह जत्था संडे सुबह सात बजे हेमकुंड पहुंचा।


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