सर मैंने परीक्षा दी है.. अब्सेंट क्यों किया

Updated Date: Fri, 03 Jun 2016 07:41 AM (IST)

- बीए सेकेंड इयर की छात्रा को एक विषय में यूनिवर्सिटी ने कर दिया अब्सेंट,

- केंद्राध्यक्ष के चक्कर लगाने के बाद छात्रा ने लगाई परीक्षा नियंत्रक से गुहार

बीए सेकेंड इयर की छात्रा को एक विषय में यूनिवर्सिटी ने कर दिया अब्सेंट,

- केंद्राध्यक्ष के चक्कर लगाने के बाद छात्रा ने लगाई परीक्षा नियंत्रक से गुहार

GORAKHPUR: GORAKHPUR: सर, मैं बीए सेकेंड इयर की स्टूडेंट हूं। गणित, अंग्रेजी और पाली मेरे विषय हैं। मैंने गणित के फ‌र्स्ट पेपर अब्सट्रैक्ट अलजेब्रा की परीक्षा ख्म् मार्च ख्0क्म् को दी थी। लेकिन रिजल्ट में उक्त पेपर में अब्सेंट लिखा है। ये शिकायत है डीडीयूजीयू की छात्रा शिवांगी पाठक की। छात्रा ने गुरुवार को परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात कर समस्या बताई। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मामले में जांच कराने का निर्देश दिया है।

बदला एग्जामिनेशन हॉल तो हुई दिक्कत

चौरीचौरा क्षेत्र निवासी बीए सेकेंड इयर की छात्रा शिवांगी ख्म् मार्च को दीक्षा भवन सेंटर पर गणित विषय के फ‌र्स्ट पेपर में शामिल हुई। इस दौरान उसकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने अपने निर्धारित एग्जामिनेशन हॉल की जगह दूसरे कमरे में परीक्षा दी। लेकिन सवाल ये भी उठता है कि जबहर कमरे में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगी होती है तो भला कोई परीक्षार्थी किसी दूसरे कमरे में कैसे बैठ सकता है।

लगाई गई थी अटेंडेंस

छात्रा का कहना है कि परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक ने उसके रोल नंबर के आगे उपस्थिति का सिग्नेचर भी करवाया। लेकिन उन्होंने या केंद्राध्यक्ष ने यह जहमत नहीं उठाई कि उसे निर्धारित कमरे तक पहुंचा दें। जब छात्रा का बीए सेकेंड इयर का वार्षिक रिजल्ट ख्म् मई को आया तो पता चला कि उक्त पेपर में उसे अब्सेंट कर दिया गया है।

दौड़ाने के बावजूद नहीं कार्रवाई

रिजल्ट आने के बाद छात्रा ने केंद्राध्यक्ष प्रो। ओपी पांडेय से मुलाकात कर अपनी पीड़ा सुनाई। इस पर वे मामले को गंभीरता से लेने की जगह टालमटोल करते रहे। छात्रा का कहना है कि कई बार चक्कर लगाने के बाद भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं केंद्राध्यक्ष का कहना है तो कि उपस्थिति रिकार्ड को खंगालेंगे। अगर छात्रा ने परीक्षा दी है तो अंक उसकी मार्कशीट पर चढ़ाए जाएंगे।

वर्जन

मामले को जांच कराई जाएगी। पहले केंद्राध्यक्ष स्तर पर चेक करा लिया जाए कि आखिर गड़बड़ कहां से हुई है। छात्रा का भविष्य खराब नहीं होने दिया जाएगा।

- डॉ। अमरेंद्र कुमार सिंह,

परीक्षा नियंत्रक, डीडीयूजीयू

Posted By: Inextlive
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