राजकीय सम्मान के साथ हुआ सुषमा स्वराज का अंतिम संस्कार, बेटी ने दी मुखाग्नि

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का बुधवार को दिल्ली के लोधी श्मशान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गृह मंत्री अमित शाह कार्यकारी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा नितिन गडकरी लाल कृष्ण आडवाणी सहित कई नेता मौजूद रहे।

Updated Date: Wed, 07 Aug 2019 06:43 PM (IST)

नई दिल्ली (एएनआई)। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का बुधवार को दिल्ली के लोधी श्मशान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सुषमा को उनकी बेटी बंसुरी स्वराज ने मुखाग्नि दी, उनके पति स्वराज कौशल भी बेटी के साथ खड़े थे। पूर्व विदेश मंत्री के अंतिम संस्कार में विभिन्न दलों के कई राजनेता और विदेशी गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित लोगों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कार्यकारी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, नितिन गडकरी, लाल कृष्ण आडवाणी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा अन्य लोग शामिल थे। इस दौरान भूटान के पूर्व प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे भी उपस्थित थे। कई नेताओं ने अर्पित की पुष्पांजलि
शिवसेना नेता संजय राउत, कांग्रेस नेता अशोक गहलोत, दिग्गज भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब, राजनाथ सिंह, अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, प्रधानमंत्री मोदी, वेंकैया नायडू और कई अन्य गणमान्य लोगों ने दिवंगत भाजपा नेता को पुष्पांजलि अर्पित की। इससे पहले, भाजपा मुख्यालय से दिल्ली के लोधी श्मशान में ले जाने के दौरान राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल और अन्य भाजपा नेताओं ने स्वराज के पार्थिव शरीर को कंधा दिया।


Sushma Swaraj Passes Away: पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन, दोपहर तीन बजे के बाद होगा अंतिम संस्कारदिल का दौरा पड़ने से निधनबता दें कि पूर्व विदेश मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज का मंगलवार की देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 67 वर्ष की थीं। उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था। रात 10:50 बजे उन्हें अस्पताल द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। 2014 में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में स्वराज विदेश मंत्री थीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में स्वास्थ्य खराब होने के चलते उन्होंने हिस्सा नहीं लिया था।

Posted By: Mukul Kumar
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