पुलवामा में बिहार के दो वीर जवान शहीद आतंकियों ने सैन्य वाहन को बनाया था निशाना

2019-06-19T10:24:48Z

पुलवामा हमले में सिवान के दिघवलिया निवासी अमरजीत और विस्फोट में आरा के छोटेलाल शहीद

patna@inext.co.in

SIWAN/ARA/PATNA: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सोमवार को हुए दो अलग-अलग आतंकी हमले में सिवान और आरा के दो वीर सपूत शहीद हो गए. पुलवामा जिले में आतंकियों ने विस्फोटक भरे वाहन से सेना के 44 जवानों को लेकर जा रहे सैन्य वाहन को निशाना बनाया. इस घटना में सिवान के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के दिघवलिया गांव निवासी रिटायर्ड जवान शंकर सिंह के बड़े पुत्र 44वीं बटालियन के जवान अमरजीत कुमार उर्फ अमितेश समेत दो जवान शहीद हो गए. वहीं पुलवामा में ही गश्त पर निकली बिहार- 44 राष्ट्रीय राइफल्स की बुलेट प्रूफ गाड़ी को आइईडी से उड़ा दिया गया. इसमें नौ जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. मंगलवार को सुबह इलाज के क्रम में भोजपुर के बिहिया थाना के कटेया पंचायत अंतर्गत मठिया गांव निवासी दीनानाथ यादव के पुत्र छोटे लाल यादव समेत दो वीर जवान शहीद हो गए. सूचना मिलते ही दोनों जिलों में शोक की लहर दौड़ गई.

कैंप पहुंचने से पहले हुई घटना
44वीं राष्ट्रीय राइफल्स के जवान जवान अमरजीत कुमार उर्फ अमितेश की शहादत की सूचना मिलते ही परिजनों व ग्रामीणों की आंखें नम हो गई. हाल ही में वह छुट्टी पर लखनऊ परिवार के पास आए थे. पांच दिन पहले ही अपने गांव दिघवलिया आए और यहां से कैंप वापस जा रहे थे. रास्ते में ही आतंकियों ने उनके काफिले पर विस्फोट कर दिया. चाचा संतोष सिंह को सोमवार की रात एक बजे उनके गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली थी. परिजनों की चीत्कार सुन ग्रामीण एकत्र हुए और सुबह तक सैकड़ों लोग पहुंच गए. अमितेश के करीबी दोस्त मनीष कुमार ने बताया कि अमितेश शुरू से ही काफी होनहार थे. 2005 में फौज में योगदान दिया था. अमितेश के छोटे भाई मुकुल कुमार भी आर्मी में हैं. अमितेश के दो पुत्र आर्यन कुमार (10) और अनुज कुमार (7) हैं. अमितेश कुमार का पूरा परिवार लखनऊ में रहता है. घर में सिर्फ चाचा संतोष सिंह रहते हैं.

सुबह-सुबह शोक का संदेश
मंगलवार की सुबह सूर्य की पहली किरण बिहिया थानान्तर्गत कटेया पंचायत के मठिया गांव निवासी दीनानाथ यादव के पुत्र छोटे लाल यादव की शहादत की खबर लेकर आई. छोटेलाल तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और उनकी शादी नहीं हुई थी. सुबह फोन पर सूचना मिलने के बाद परिजनों की चीत्कार से गांव मे मातम पसर गया. शहीद छोटेलाल यादव ने 2015 में सेना की नौकरी ज्वाइन की थी. फिलहाल बिहार- 44 आरआर बटालियन में जम्मू-कश्मीर में तैनात थे. उनकी गाड़ी को वहीं विस्फोट कर उड़ाया गया जहां विगत 14 फरवरी को आतंकियों ने सीआरपीएफ कैंप पर आत्मघाती हमला किया था. जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे.


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