तीन जगहों पर काटा फरारी काल

Updated Date: Sat, 04 Jul 2020 05:36 PM (IST)

शाम को सिविल लाइंस एरिया में भी करता था मूव

पहली बार बिना सूचना के सामने खड़ी मिली पुलिस टीम

vinay.ksingh@inext.co.in

PRAYAGRAJ: वह न तो आकाश में शरण लेने पहुंचा था और न ही पाताल में छिपने। कभी प्रयागराज, कभी मेरठ तो कभी दिल्ली, हरियाणा, जब चाहता था, जहां चाहता था आता-जाता था। कोई रोकने वाला नहीं था कोई पूछने वाला नहीं था। दूसरे शहरों की बात ही छोडि़ये वह प्रयागराज में भी आराम से मूव कर रहा था वह भी अनलॉक-1 के दौरान। पुलिस उसके घर और ससुराल छापा मारने के लिए जाती जरूर थी लेकिन सेटिंग इतनी जबरदस्त थी कि तीन साल में पुलिस से कभी आमना सामना ही नहीं हुआ। खुद अशरफ की जुबानी यह कहानी सुनकर पुलिस अफसर भी हैरान रह गये।

लगातार ट्रैक हो रही थी लोकेशन

अशरफ की लोकेशन ट्रैक करने के लिए नए कप्तान के साथ पुलिस टीम लगी थी। दो दिन तक लगातार एक ही स्थान पर मूवमेंट ट्रैक हुआ तो एसएसपी अभिषेक दीक्षित ने गुरुवार को मिटिंग बुलाई। इससे पहले क्राइम मिटिंग के दौरान वह अशरफ का डिटेल ले चुके थे। शाम को फाइनल प्लान पर चर्चा हुई। इसकी जानकारी सिर्फ एसपी सिटी को थी। उन्होंने शहर के पांच थानेदारों की टीम बनायी। सीओ द्वितीय को इन्वाल्व किया। सभी को रात ढाई बजे के आसपास पुलिस लाइंस बुलाया गया था। तब तक किसी को कुछ पता नहीं था। पुलिस लाइंस पहुंचने तक इस बात की पूरी चेकिंग हुई कि कोई ऐसा तो नहीं है जो मुखबिरी करके खेल बिगाड़ दे। इसके बाद टीम सीधे अशरफ के सामने थी।

ऐसे गुजारा था तीन साल

19 मार्च 2017 को योगी सरकार बनी

29 मार्च को अशरफ फरार हो गया

फरार होने के बाद वह मेरठ अपनी बहन के यहां चला गया

16 दिसंबर तक वहां आराम से रहा

नया साल सेलिब्रेट करने के लिए दिल्ली पहुंच गया

दिल्ली में उसका अपना फ्लैट है

वहां उसने छह महीने तक मौज की

दिल्ली की सड़कों पर खुलेआम घूमता रहा

जुलाई 2018 के बाद फिर बहन के यहां चला गया।

इस दौरान वह बीच-बीच में प्रयागराज आता जाता रहा।

इसी तरह उसने सात महीने फिर बिता दिये

जनवरी 2019 के बाद वह ससुराल में शिफ्ट हो गया।

तीन महीने बीत जाने के बाद को भनक लगी तो पुलिस एक्टिव हुई

इससे मई महीने में उसको दिल्ली जाना पड़ गया

दिल्ली व हरियाणा में सात से आठ महीना आराम से रहा।

मार्च 2020 में लॉकडाउन से पहले शहर आ गया था

तब से लेकर अब तक आराम से ससुराल में पड़ा था।

पुलिस दबिश देती तो वह इधर-उधर हो जाता था

अनलॉक होने के बाद वह सिविल लाइन भी कई बार आया गया

पूरी टीम नयी थी। टॉस्क के साथ टारगेट तय था। टीम सीधे छापा मारने पहुंच गयी और वह सामने मिला। इतना एहतियात जरूर बरता गया कि सूचना लीक न हो।

दिनेश कुमार सिंह

एसपी सिटी

Posted By: Inextlive
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