आबादी की जमीन व चकरोड को लेकर शुरू हुआ था विवाद 2019 व 29 सितंबर 2021 को दर्ज कराई गई रिपोर्टफाफामऊ थाना क्षेत्र में हुई घटना के पीछे चकरोड व आबादी की जमीन को लेकर विवाद 2019 में शुरू हुआ था. दो साल पहले शुरू हुए विवाद को अगर पुलिस हल्के में न लेकर गंभीरता से कार्रवाई कर दी होती तो ये नौबत कभी नहीं आती. यह कहना है मृतक के परिजनों का. मृतक के भाई कृष्ण चंद्र ने बताया कि गांव के दबंग आकाश ङ्क्षसह के घरवालों व अन्य के खिलाफ मारपीट धमकी समेत एससीएसटी एक्ट व कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था. मुकदमा दर्ज होते ही मामला कुछ महीनों के लिए ठंडे बस्ते में चला गया. दबंग परिवार शांत बैठ गया. लेकिन दोनों पक्षों रंजिश शुरू हो गई.


प्रयागराज (ब्यूरो)। एक साल तक प्रकरण के शांत रहने के बाद 29 सितंबर 2021 को फिर से मृतका ने तहरीर देकर गांव उसी आकाश ङ्क्षसह पक्ष के कई लोगों पर घर में घुसकर मारपीट करने, धमकी देने समेत अन्य आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। मृतक दम्पति द्वारा उनपर दो मुकदमे दो साल के भीतर दर्ज कराया था। जब मामले ने तूल पकड़ा तो दूसरे पक्ष की महिला बबली सिंह ने भी क्रास एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मृतक के भाई का आरोप है कि दूसरे पक्ष को थाने बुलाकर चाय पिलाते थे। जिससे उनका मनोबल और बढ़ गया। रोकने के बजाय करवा रहे थे निर्माण


बॉडी उठने के दौरान अधिकारियों के सामने मृतक का भाई चिल्लाता रहा। पक्ष पर कार्रवाई के बजाय पुलिस चकरोड पर कब्जा कराती रही। जबकि इस चकरोड प्रकरण में एसडीएम तक ने रोकने व अवैध निर्माण का आदेश जारी किया था। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऊपर दूसरे पक्ष चकरोड पर कब्जा कर मकान बनाते रहे। जबकि इस जमीन पर पट्टा हो रखा है। उसके बाद दूसरे पक्ष ने जबरन कब्जा कर रखा है। यहीं नही इस जमीन विवाद का मामला कोर्ट में भी चल रहा है। रोज आते थे दुकान पर

पुलिस को मृतक के घर के समीप चाट का ठेला लगाने वाले संदीप प्रजापति ने पुलिस को बताया कि मृतक बेटा शिव रोजाना चाट खाने आता था। वह मानसिक रूप से थोड़ा ठीक नहीं है। वह मूक-बधिर था। बेटी सपना अभी इस साल बीए फस्र्ट इयर में एडमिशन कराई थी। बेटे की हर खुशी को पूरा किया जाता था। वह चाट का इतना शौकीन था कि रोज आता था लेकिन दो दिन ने आने पर शक हुआ। इसलिए दरवाजा खटखटाने आये थे।

Posted By: Inextlive