हाथों के साथ ब्लड शुगर भी 'धुल' रहा सैनेटाइजर

Updated Date: Sun, 25 Oct 2020 01:08 PM (IST)

पीडियाट्रिक का कहना कि अल्कोहल से बच्चों का घट सकता है ब्लड शुगर

-शरीर में ऐंठन दौरे पड़ने या फिर बेहोश होने की भी हो सकती है समस्या

-सैनेटाइजर के यूज की जगह साबुन के यूज को प्राथमिकता देनी चाहिए

बरेली: अगर आप अपने बच्चों को हैंड सैनेटाइज यूज करा रहे तो आपको सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि हैंड सैनेटाइजर अगर कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रभावी उपाय तो है लेकिन इसके दुष्परिणाम भी है। खासकर कम उम्र के बच्चों के लिए। डॉक्टर्स की माने तो हैंड सैनेटाजर के चयन व इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि बीते कुछ समय में हैंड सैनेटाइजर यूज कारण कुछ ऐसे केसेस भी आएं हैं जिसमें सैनेटाइजर यूज करने के कारण बच्चों के पेट दर्द, खांसी, आंख में जलन आदि की शिकायत रही है।

पाचन तंत्र को भी नुकसान

एक्सपर्ट की माने तो बच्चा अगर अपने हाथ में सैनेटाइजर लेता है तो वह अपने हाथ को मुंह पर भी लगा लेता है, तो यह पाचन तंत्र के लिए भी नुकसान दायक हो सकता है। पेट दर्द और उल्टी भी हो सकती है कुछ मामलों में यह गंभीर भी साबित हो सकता है। बच्चों को जरूरत से ज्यादा हैंड सैनेटाइजर लगाने से एलर्जी की समस्या भी बन सकती है।

स्किन से पहुंच जाता बॉडी में

मार्केट में इस वक्त जो भी सैनेटाइजर अवेलेबल हैं उसमें 70 परसेंट से अधिक अल्कोहल आ रहा है। ऐसे में बच्चे भी 70 परसेंट से अधिक अल्कोहल वाला ही सैनेटाइजर यूज कर रहे हैं, यह अल्कोहल स्किन के माध्यम से बच्चों की बॉडी में भी पहुंच रहा है, इससे ब्लड शुगर का सतर पर भी कम हो रहा है। इसीलिए बच्चों को सैनेटाइजर यूज करने से बचाए तो बेहतर होगा।

इसलिए है खतरनाक

सैनिटाइजर में कम से कम 70 प्रतिशत अल्कोहल का होना जरूरी है, लेकिन कुछ सैनिटाइज़र ऐसे हैं, जिनमें अल्कोहल नहीं, बल्कि ट्रिक्लोसन होता है। ट्रिक्लोसन एक शक्तिशाली जीवाणुरोधी पदार्थ है, जिसका उपयोग कीटनाशकों में किया जाता है। सैनेटाइजर में ट्राइक्लोसान नाम का एक केमिकल होता है, जिसे हाथ की त्वचा तुरंत सोख लेती है। अगर यह रक्त संचार में शामिल हो जाए तो यह मांसपेशी कोऑíडनेशन के लिए जरूरी सेल-कम्युनिकेशन को बाधित करता है। लंबे समय तक इसका ज्यादा इस्तेमाल करने पर त्वचा सूखी हो सकती है। ये आपके थायरॉयड फंगशन, लीवर और मसल्स को प्रभावित कर सकता है जिनमें अल्कोहल नहीं बल्कि ट्रिक्लोसन जीवाणुरोधी पदार्थ होता है वह सेहत के लिए हानिकारक है।

यह भी रखें ध्यान

-हैंड सैनेटाइजर का यूज करते समय बच्चों पर निगरानी रखें

-बच्चों को मुंह में हाथ नहीं लेने दें, न ही सैनेटाइजर की खुशबू सूंघने दें

-आर्गेनिक अथवा हर्बल सैनेटाइजर का इस्तेमाल करें

-सैनेटाइजर सूख जाने तक मले, साबुन के प्रयोग को प्राथमिकता दें

-नवजातों पर सैनेटाइजर का इस्तेमाल करने से बचे

कोई भी बच्चा सैनेटाइजर यूज करता है और उसने सैनेटाइजर सूखने से पहले हाथ आंखों में लगा लिए तो जलन हो सकती है। इसी तरह सैनेटाइजर को मुहं में लगा लिया तो भी प्रॉब्लम हो सकती है। इसीलिए कोशिश करें बच्चों के लिए हैंड सैनेटाइजर करने से बचाएं या फिर सावधानी बरतें।

डॉ। राजेश अग्रवाल, पीडियाट्रीशियन

मार्केट में जो भी खूशबू वाले सैनेटाइजर आ रहे है उनसे सावधानी बरतें। कोशिश करें बच्चों को हैंड सैनेटाइजर कराते समय सावधानी बरते। कई बार बच्चे हैंड सैनेटाइज करते ही उसे मुंह से लगा लेते हैं जो ठीक नहीं है।

डॉ। सुदीप सरन, सीनियर फिजिशियन

Posted By: Inextlive
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