मंदिरों में जन्मे कन्हैया लाल, भक्तों के मन डिस्टेंसिंग का मलाल

Updated Date: Thu, 13 Aug 2020 12:38 PM (IST)

मंदिरों में सादगी से मना कान्हा का बर्थडे तो घरों में रहा उल्लास

कोराना अलर्टनेस के चलते भक्तों के लिए बंद हो गए मंदिरों के कपाट

बरेली। घरों से लेकर मंदिरों तक में पीढि़यों से हर्षोल्लास से मनाई जाने वाली कृष्ण जन्माष्टमी इस बार कोराना अलर्टनेस के चलते सादगी से मनी। अन्य पर्वो की तरह ही इस पर्व पर भी मंदिरों में कोविड-19 की गाइड लाइन फॉलो करने के लिए भक्तों की आस्था के साथ ही उनकी खुशी तक से बिना किसी शिकवा शिकायत के समझौता किया गया। मंदिरों में जन्म दिन के मौके पर भी कान्हा से दूरी का मलाल भक्तों के मन में रह गया। भक्तों ने इस पर दुख भी जताया।

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दिन में अभिषेक, रात में बिन भक्तों के पूजा

कृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिरों में भगवान और भक्तों के बीच डिस्टेंसिंग दिन से लेकर रात तक जारी रही। मंदिरों में दिन के समय शुभ मुहूर्त के अनुसार कान्हा का दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और जल से अभिषेक हुआ। इसके बाद कान्हा का श्रंगार भी हुआ और आरती भी उतारी गई। इस दौरान भी मंदिरों में आम भक्तों से दूरी ही बनाकर रखी गई। इसके बाद रात में भी भक्तों की गैरमौजूदगी में ही कान्हा के जन्म की परंपराएं पूरी हुई। इसमें मंदिरों के पुजारियों, पुरोहितों और कुछ मंदिर कमेटियों के लोग ही शामिल रहे।

कृष्ण मंदिरों में गूंजे भजन

कान्हा के जन्म दिन के मौके पर भले ही मंदिरों के कपाट भक्तों के लिए बंद कर दिए गए हों, पर इसके बाद भी यहां कान्हा का गुणगान हुआ। हरि मंदिर में इस बार 60 वां कृष्ण जन्मोत्सव समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर यहां राधा-कृष्ण की प्रतिमा का भव्य श्रंगार हुआ और कई भक्त अपने बच्चों को राधा-कृष्ण स्वरूप में लेकर भी पहुंचे। यहां भक्तों ने कान्हा के भजन भी गाए। भक्तों के लिए इसका लाइव प्रसारण सोशल मीडिया में भी किया गया। इसके अलावा मंदिर के बाहर एलईडी स्क्रीन पर भी भक्तों को ठाकुर जी के दर्शन कराए गए। इस मौके पर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष सतीश खट्टर, सुशील कुमार, रवि छावड़ा, संजय आनंद, जितिन दुआ, अश्विनी ओबराय, अनिल चढ्डा, योगेश ग्रोवर, रेनू छावड़ा, कंचन अरोड़ा, नीलम साहनी, नेहा आनंद सहित कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

हर मिलाप मंदिर में मना जन्मोत्सव

जनकपुरी के हरमिलाप शिव शक्ति मंदिर में भी कृष्ण जन्माष्टमी उल्लास के साथ मनी। इस अवसर पर यहां भी राधा-कृष्ण का भव्य श्रंगार हुआ और कान्हा का विधिविधान से अभिषेक कराया गया। भक्तों ने इस कार्यक्रम का लाइव दीदार बाहर से किया। मंदिर में भव्य सजावट भी की गई। यह कार्यक्रम मंदिर कमेटी के पदाधिकारी राम सेठी की देखरेख में हुआ। कार्यक्रम में मंदिर प्रबंध कमेटी के सदस्य बीके अरोड़ा, जगदीश भाटिया, जितेन्द्र साहनी और पंडित शिव शंकर शंखधार आदि मौजूद रहे।

बांके बिहारी के कपाट दो बजे बाद बंद

राजेन्द्रनगर स्थित बांके बिहारी मंदिर में भी कृष्ण जन्माष्टमी समारोह सादगी से मना। इस पर्व के लिए मंदिर को ट्यूजडे को ही बिजली की रोशनी से जगमग कर दिया गया था। वेडनेसडे को पर्व पर मंदिर में भक्तों की एंट्री दोपहर दो बजे बाद रोक दी गई। इसकी सूचना के लिए यहां कई दिन पहले ही नोटिस भी लगा दिया गया था। देर रात मंदिर में कान्हा के जन्म की खुशी मनाई गई और उनकी विधिविधान से पूजा अर्चना की गई। यह परंपराएं मंदिर के मुख्य पुजारियों और मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने ही पूरी कराई।

Posted By: Inextlive
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