-डीडीयूजीयू अलकनंदा ग‌र्ल्स हॉस्टल की हॉस्टलर्स ने की सिक्योरिटी की डिमांड

- हॉस्टल में चल रहे रिपेयरिंग वर्क को बंद कराने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था की मांग

GORAKHPUR: वीसी सर जब हम बाथरूम जाते हैं तो रोशदान से मजदूर झांकते हैं। यह शिकायत है डीडीयूजीयू अलकनंदा ग‌र्ल्स हॉस्टल में रहने वाली ग‌र्ल्स हॉस्टलर्स की। ग‌र्ल्स स्टूडेंट्स का कहना है कि हॉस्टल में चल रहे रिपेयरिंग के काम को या तो बंद कराया जाए, या फिर सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में रिपेयरिंग वर्क करवाया जाए। अगर तत्काल प्रभाव से सुरक्षा व्यवस्था नहीं बढ़ाई गई तो ग‌र्ल्स हास्टलर्स आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।

सुबह होती है परेशानी

डीडीयूजीयू के अलकनंदा ग‌र्ल्स हॉस्टल में पिछले छह मंथ से रिपेयरिंग का काम चल रहा है। मजदूर सुबह 8.30 बजे हॉस्टल आ जाते हैं, लेकिन इसी बीच ग‌र्ल्स भी यूनिवर्सिटी जाने के लिए बाथरूम का इस्तेमाल करती हैं। मंगलवार को हॉस्टलर्स ने आरोप लगाया कि उनके बाथरूम में जाने के बाद सीढ़ी लगाकर मजदूर रोशनदान के रास्ते झांकते हैं। जिससे वह अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने तत्काल रिपेयरिंग वर्क को बंद कराने के साथ-साथ सुरक्षा बढ़ाने की गुहार वीसी से लगाई है। बुधवार की सुबह वीसी आवास पर उनसे मिलने पहुंची, लेकिन छुट्टी होने की वजह से अपनी शिकायत पत्र रिसीव नहीं करा सकी।

खुलेआम हॉस्टल में घूमते हैं मजदूर

आई नेक्स्ट से बातचीत में ग‌र्ल्स हॉस्टलर्स ने बताया कि महज एक महिला सुरक्षा कर्मी है। वह भी गेट पर तैनात है, जबकि दर्जन भर से ज्यादा मजदूर ग‌र्ल्स हॉस्टल में सुबह 8.30 से शाम 5 बजे तक रिपेयरिंग का काम करते रहते हैं। काम पूरा करने के बाद भी वह हॉस्टल में खुलेआम हर जगह घूमते हुए नजर आते हैं। कम से कम ग‌र्ल्स हास्टल में महिला सुरक्षा कर्मियों की संख्या को बढ़ाते हुए रिपेयरिंग का काम कराया जाए। स्टूडेंट्स का कहना है कि अगर ऐसी ही सिक्योरिटी व्यवस्था होगी, तो कोई भला यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में क्यों रहेगा। इससे बेहतर को आउट साइड के ग‌र्ल्स हॉस्टल सेफ होते हैं, जहां सिक्योरिटी की व्यवस्था तो रहती है।

वार्डन काट लेती हैं कन्नी

ग‌र्ल्स हास्टलर्स ने यह भी आरोप लगाया कि किसी भी समस्या को लेकर वार्डन भी जिम्मेदारी से दूर भाग रही हैं। जब भी उनके पास जाओ तो वह खुद को व्यस्त बताते हुए कन्नी काट लेती हैं। इस मामले में जब वार्डन डॉ। सुमित्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अगर ऐसा हुआ है तो इसके लिए हॉस्टलर्स से उनकी समस्याएं पूछी जाएगी। वैसे डॉ। सुषमा पांडेय और डॉ। पूजा दोनों हॉस्टल सुप्रिटेंडेंट वहां अक्सर रहती हैं। स्टूडेंट्स उनसे अपनी प्रॉब्लम शेयर कर सकते हैं।

ग‌र्ल्स हॉस्टल में अगर ऐसी समस्या आ रही है, तो इस समस्या का तुरंत निदान किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाएगी।

डॉ। सतीश पांडेय, चीफ प्रॉक्टर, डीडीयूजीयू

Posted By: Inextlive