मास्टरमांइड दीपू और सरकारी एंबुलेंस ड्राइवर्स व कर्मचारियों की सांठगांठ से हो रहा था पेशेंट्स का सौदा दलालों का था कोड प्राइवेट हॉस्पिटल से मरीज पहुंचाने का सेटिंग होता था सौंदा


गोरखपुर (ब्यूरो) बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पेशेंट्स को प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचाने का धंधा फिर से शुरू हो गया है। प्रशासन की ओर से ईशु हॉस्पिटल में छापेमारी के दौरान यह खुलासा हुआ है। इस काम को नया गैंग अंजाम दे रहा है, इसके मेंबर एंबुलेंस लेकर बीआरडी कैंपस में नहीं जा रहे हैं, लेकिन सुबह से शाम तक कैंपस में घूमकर अटेंडेंट को वरगलाकर पेशेंट्स को बाहर बुलाकर दूसरे हॉस्पिटल भेज रहे हैं। इस गैंग का मास्टरमाइंड दीपू है। बताया जा रहा है कि उसकी सेटिंग सरकारी एंबुलेंस ड्राइवर्स से भी थी। दूसरे शहर में भी सेटिंग


दीपू की सेटिंग इतनी जबरदस्त थी कि इसका नेटवर्क देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज और बिहार तक फैला है। इस एरिया के एंबुलेंस ड्राइवर्स से उसकी सेटिंग है। वह एंबुलेंस ड्राइवर्स से कॉन्टैक्ट कर बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले अपनी सेटिंग करता था। सौदा तय होने के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल पेशेंट्स भेज दिए जाते है, इतना ही नहीं उनका एक कोडवर्ड भी था। इस कोड को बताते ही एक्टिव कर्मचारी समझ जाते थे कि किसी पेशेंट्स को प्राइवेट हॉस्पिटल भेजना है। एंबुलेंस बुलवाकर भेजते हैं पेशेंट्स

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि बीआरडी के स्टाफ इस काम में उनका साथ दे रहे हैं। जैसे ही अटेंडेंट उनके झांसे में आ जाता है, दलाल प्राइवेट हॉस्पिटल से सेटिंग कर एंबुलेंस मंगवाकर पेशेंट को भेज देते थे। इसके बाद दलाल बेरोकटोक पेशेंट्स का सौंदा प्राइवेट हॉस्पिटल्स से हो जा रहा है। दो गैंग मेडिकल कॉलेज आने वाले पेशेंट्स की सौदेबाजी कर रहा है। इनमें से एक का सरगना शव वाहन संचालन के नाम पर कैंपस में अटेंडेंट को फंासता है, तो दूसरे गैंग के मेंबर बाहर एंबुलेंस खड़ी कर शिकार फांसते है। जैसे ही इन्हें बाहर से आती एंबुलेंस दिखती है, ये वहां पहुंचकर अटेंडेंट को वरगलाने में जुट जाते है। बाज बन जाने पर वह पेशेंट को वहीं से बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। दाल न गली तो आएगा दूसरा मेंबरदाल न गलने पर वार्ड का पता कर वहां दूसरे मेंबर को अटेंडेंट को फांसने के लिए भेजा जाता है। वार्ड के कुछ स्टाफ भी उनके नेटवर्क में शामिल है। जिनकी सहायता से यहां अटेंडेंट आसानी से उनके झांसे में आ जाते हैं। वार्ड में तैनात स्टाफ सहायता से हायर सेंटर रेफर लिखवाकर प्राइवेट वार्ड और ऑक्सीजन प्लांट के बगल से अटेंडेंट को सेट कर पेशेंट को निकाल उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल का रास्ता दिखा देते हैं। सख्ती के बाद भाग खड़े हुए थे दलाल

पूर्व में तैनात चौकी प्रभारी विवेक मिश्रा पर एंबुलेंस माफिया से साठगांठ के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद घनश्याम उपाध्याय को चौकी प्रभारी बनाया गया। उन्होंने सख्ती की तो एंबुलेंस माफिया के दलाल परिसर छोड़ भाग खड़े हुए। कुछ दिन पहले उनका भी ट्रांसफर हो गया। इसके बाद से चौकी पर किसी की तैनाती नहीं हुई। अब फिर से रोगियों की दलाली का धंधा बेरोकटोक शुरू हो गया है।दलालों पर अंकुश लगाने के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू चिकित्सालय एसआईसी और मैट्रन की मीटिंग बुलाई गई थी। एक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। खुले हुए रास्तों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। गार्ड द्वारा आने जाने वालों की चेकिंग की जाएगी। कुछ जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और जगहों पर कैमरे लगाए जाएंगे। डॉ। सुनील आर्या, प्रिंसिपल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज

Posted By: Inextlive