ट्रैफिक नियमों का पालन न करने का खामियाजा वाहन सवारों को जान देकर भुगतना पड़ रहा है. कोई नशे की वजह से हादसे का शिकार हो रहा है तो कोई लापरवाही में ड्राइविंग से जान गवां रहा है. 2022 के अप्रैल माह तक 58 लोगों की एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है. मई माह में औसतन रोज एक व्यक्ति की जान एक्सीडेंट में गई है. 20 दिनों में 12 से अधिक लोगों की जान चुकी है. एसपी ट्रैफिक का कहना है कि एक्सीडेंट रोकने के लिए लोगों को अवेयर किया जा रहा है. साथ ही ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी.


गोरखपुर (ब्यूरो).जिले में सड़क एक्सीडेंट रोजाना सामने आते हैं। इन हादसों में औसतन हर दूसरे दिन एक व्यक्ति की जान चली जाती है। कम से कम दो लोग घायल होते हैं। वर्ष 2022 के अप्रैल माह तक के आंकड़ों के मुताबिक कुल 52 जानलेवा हादसे हुए, जिनमें 58 लोगों की जान चली गई। इनमें सबसे ज्यादा हादसे नेशनल हाइवे पर हुए हैं। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने की वजह से अधिकांश लोग हादसों के शिकार होते हैं। सबसे ज्यादा 45 सड़क दुर्घटनाएं बाइक की सामने आई हैं। माह एक्सीडेंट जानलेवा अघातक मौत घायल
अप्रैल 45 16 29 16 26मार्च 38 17 21 19 26फरवरी 19 08 11 10 16


जनवरी 25 11 14 13 17टोटल 127 52 75 58 85इन रोड्स पर इतने एक्सीडेंट एक्सप्रेस वे - 09नेशनल हाइवे - 21 स्टेट हाइवे - 13 अन्य - 67इन वाहनों से इतने हादसे बाइक - 45 फोर व्हीलर - 17ट्रक और लॉरी - 19बस - 01इन वजहों से हो सड़क एक्सीडेंट - सड़कों पर स्पीड में व्हीकल चलाना, ओवरटेक करना। - शराब पीकर तेज रफ्तार में व्हीकल चलाने की वजह। - रांग साइड ड्राइविंग करते हुए नियमों की अनदेखी करना।- बिना हेलमेट पहने और सीटबेल्ट बांधे ड्राइविंग करना।

- बिना जगह हुए ओवरटेक करना, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना। जिले में एक्सीडेंट रोकने के लिए अवेयरनेस कैंपेन चलाए जाते हैं। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी की जाती है। इसके बावजूद कुछ लापरवाही बरत रहे हैं। डॉ। एमपी सिंह, एसपी ट्रैफिक

Posted By: Inextlive