पहली बार ट्रैश स्किमर मशीन से विजय नगर नाला की सफाई कराई गई. आधुनिक मशीन ने नाले में बह रही गंदगी को बाहर निकाला. इससे पहले नाले की सफाई का ट्रायल किया गया था.


कानपुर(ब्यूरो)। पहली बार ट्रैश स्किमर मशीन से विजय नगर नाला की सफाई कराई गई। आधुनिक मशीन ने नाले में बह रही गंदगी को बाहर निकाला। इससे पहले नाले की सफाई का ट्रायल किया गया था। पहले दिन दो टन गारबेज मशीन के सहारे बाहर निकाला गया। जल्द ही स्किमर को पांडु नदी में गिरने वाले हलवाखाडा नाला, आईसीआई नाला और पनकी नाले में भी उतारा जाएगा और बह रही गंदगी को हटाया जाएगा।


फ्लोटिंग गंदगी साफ करने में
सिटी से गुजरने वाले चार बड़े नालों से करीब साढे आठ करोड़ लीटर गंदा पानी और गार्बेज बहकर पांडु नदी में जाता है। जिससे पांडु नदी में पॉल्यूशन बढ़ता जा रहा है। बरसात के समय में नगर निगम इन नालों को बड़ी मशीनों से तली तक साफ करता है, लेकिन बावजूद इसके छोटे नालों से बहकर आने वाली फ्लोटिंग (पॉलीथिन, प्लास्टिक) गार्बेज आदि नाले में उतराने की समस्या बनी रहती है। जिसे दूर करने के लिए नगर निगम अब &स्टेशनरी ट्रैश स्किमर&य का यूज कर रहा है। ताकि नाले की फ्लोटिंग व अन्य गंदगी को पांडु नदी में जाने से रोका जा सके।

5 मीट्रिक टन वेस्ट निकालने की क्षमता
स्टेशनरी ट्रैश स्कीमर मशीन एक शिफ्ट में पांच मीट्रिक टन (एमटी) गार्बेज निकालने में सक्षम है। इसकी लागत 82.60 लाख रुपये है। नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि रोस्टर के हिसाब से प्रमुख नालों में कुछ जगहों की पहचान की गई है, जहां कचरा एकत्र होता है। अब रोस्टर के अनुसार ही मशीन को नालों में उतारा जायेगा। जिससे की नालों से तैरती हुई गंदगी निकाली जा सके।

पनकी भेजा जाएगा गार्बेज
नाले से निकाला गया गार्बेज को ट्रांसफर स्टेशन के माध्यम से पनकी भाऊसिंह स्थित सॉलिड वेस्ट प्लांट पर भेजा जाएगा। ताकि बहकर आए कचरे, प्लास्टिक, पॉलिथिन को यूज में लाया जा सके।

Posted By: Inextlive